संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां ने दिल्ली गैंगरेप के बाद सीमा पर दो सैनिकों के सिर काट लेने की घटना को एक दूसरे से जोड़ते हुए इसके पीछे कोई राज होने की बात कही। पत्रकारों ने जब उनसे इस राज का पर्दाफाश करने को कहा तो वे उन्होंने आगे बोलने से ही इंकार कर दिया।
गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्व विद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में बालिकाओं के सम्मान और उत्थान पर भाषण देते हुए आजम खां ने दिल्ली गैंग रेप पर चर्चा शुरू की। आजम ने कहा कि दिल्ली में छात्रा से गैंगरेप हुआ, पूरा देश आक्रोशित था, चारों तरफ इस पर चर्चा और बहस हो रही थी। केंद्र सरकार से जवाब मांगा जा रहा था। तभी अचानक सीमा पर पड़ोसी मुल्क के सैनिकों ने हमारे दो सैनिकों के सिर उतार लिए। इस घटना के बाद गैंग रेप की चर्चा दब गई और सैनिकों के सिर कलम करने की बात चल पड़ी। क्या किसी ने सोचा कि इसके पीछे क्या राज है? उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक घटना से दूसरी बड़ी घटना होने पर पहली को दबा दिया जाता है।
आजम का यह बयान कई सवाल खड़े कर गया। क्या सीमा पर सैनिकों के सिर कलम कर देने वाली घटना झूठी है? क्या दिल्ली गैंगरेप आक्रोश को दबाने के लिए इस घटना को प्रचारित किया गया या प्लांट किया गया? केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठे।
ऐसे ही कई सवाल हॉल में बैठे हर आदमी के जहन में उठ खड़े हुए। भाषण के बाद जब पत्रकारों ने आजम खां से इसका खुलासा करने को कहा तो उन्होंने टालते हुए कहा कि उन्हें इस पचड़े में मत डालो? लेकिन खुद सोचो कि क्या हुआ है?