शुक्रवार शाम पांच बजे के करीब दोनों पक्ष महेशपुर में उसी जगह पर आमने-सामने हो गए और देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। दोनों तरफ से ईंट और पत्थर भी चलने लगे। रास्ते से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने बचकर अपनी जान बचाई। इस दौरान आरोप है कि दूसरे पक्ष ने ईंट लेकर महेशपुर निवासी आकाश शर्मा के सिर पर कई वार कर लहूलुहान कर दिया।
आरोपियों के कब्जे से आकाश को बचाने आगे आए दोस्त अभिजीत यादव भी ईंट लगने से घायल हो गया। लगभग आधे घंटे तक मारपीट और क्षेत्र में अराजकता का माहौल रहा लेकिन मंडुवाडीह पुलिस को घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। एक युवक ने डायल-112 को सूचना दी तो मौके पर पीआरवी को पहुंचने में भी समय लग गया। क्योंकि उक्त युवक ने मोबाइल बंद कर लिया था। इसी वजह से पीआरवी को लोकेशन ढूंढने में समय लग गया।
इधर, लहुलूहान हाल में आकाश को लेकर परिजन भिखारीपुर स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचे तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मंडुवाडीह पुलिस हरकत में आई और तेजी दिखाते हुए निजी अस्पताल से शव लेकर बीएचयू पोस्टमार्टम भिजवाया। ताकि परिजन और अन्य लोग शव रखकर चक्काजाम आदि न करें।
पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर लोगों में बेहद नाराजगी रही। आसपास के लोगों ने बताया कि घटना के लगभग एक घंटे के बाद मंडुवाडीह पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। तीन दिन के अंदर मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में दो हत्याओं की सूचना मिलते ही पुलिस अफसरों के हाथ पांव फूल गए।
मौके पर डीसीपी काशी जोन अमित कुमार, एडीसीपी विकासचंद्र त्रिपाठी, भेलूपुर एसीपी चक्रपाणि त्रिपाठी फोर्स के संग पहुंचे और फरार आरोपियों के घरों में दबिश की कार्रवाई की। इलाके में फोर्स तैनात कर मामले की छानबीन जारी है। आरोपी पक्ष से अभिषेक पटेल, फूलचंद्र पटेल, विनोद कुमार, शिवमंगल और तीन अज्ञात घायल है। जबकि आकाश पक्ष से अभिजीत यादव सहित तीन लोग घायल हैं।
महेशपुर में आकाश की हुई हत्या से पिता टीकाराम शर्मा बेसुध रहे। एक मात्र बेटा की सहारा था। आकाश की मां और बहन की कुछ साल पहले से मौत हो गई थी। ट्यूशन और कोचिंग चलाने वाले टीकाराम ने बिलखते हुए बताया कि स्नातक पास और नौकरी की तैयारी करने वाले मेरे बेटे आकाश की किसी से दुश्मनी थी, उसकी हत्या क्यों की गई? वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी रही। पड़ोसियों ने कहा कि समय से यदि पुलिस पहुंच गई तो मारपीट की घटना नहीं होती और आज आकाश भी जीवित रहता।
मंडुवाडीह पुलिस अभी कंदवा के प्रजापति बस्ती में 25 मई को शिक्षिका की हुई हत्या की जांच में जुटी ही थी कि शुक्रवार को आकाश की हत्या ने पुलिस को एक बार फिर सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया। दोनों घटनास्थल पर पुलिस की लापरवाही सामने आई थी, यहां भी पुलिस देर से पहुंची और कंदवा में भी पुलिस लोकेशन ही लेते रह गई थी। पुलिस की इस लचर कार्यशैली को लेकर लोगों में बेहद नाराजगी है।