राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर आदमपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अनुराग को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, नोमान की खोज के लिए एनडीआरएफ की टीम करीब दो घंटे बाद पहुंची, जिससे नाराज होकर मौके पर मौजूद परिजनों और अन्य लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। घटना स्थल पर मौजूद परिजनों का आरोप था कि यदि समय पर राहत कार्य शुरू होता, तो शायद नोमान की जान बचाई जा सकती थी।
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एनडीआरएफ की टीम ने दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंची और नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। दोपहर 12:30 बजे के नोमान के शव को नदी से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
स्थानीय लोगों ने कोनिया घाट पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि पुल की रेलिंग बेहद नीची है और वहां पर कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं हैं। इससे पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने मांग की है कि पुल की रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाए और गति नियंत्रक संकेतक लगाए जाएं।