मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने वाराणसी और जौनपुर के सब रजिस्ट्रार के निलंबन की दी थी जानकारी
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समीक्षा बैठकों में दिए गए प्रदेश के मंत्रियों के कार्रवाई के मौखिक आदेश-निर्देश उनके जाते ही हवा-हवाई हो जाते हैं। शासन-प्रशासन के अधिकारी ऐसे मामले में रुचि नहीं लेते हैं। दूसरी ओर मंत्री भी लखनऊ पहुंचते-पहुंचते अपनी ही घोषणाएं भूल जाते हैं।
ऐसा ही एक मामला प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का है। नंदी 25 अगस्त को वाराणसी आए थे और निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया था।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि जौनपुर सदर के सब रजिस्ट्रार श्रीनिवास यादव और वाराणसी के सब रजिस्ट्रार चतुर्थ राजेश कुमार सिंह को कामकाज में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है।
मंत्री ने खुद बताया था सब रजिस्ट्रार चतुर्थ ने उनके आगमन के एक दिन पूर्व गुरुवार को एक साथ 50 लोगों को वसूली का नोटिस भेजा था। साथ ही उन्हें रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया की भी पूरी जानकारी नहीं थी। जौनपुर सदर के सब रजिस्ट्रार अपने राजस्व वसूली के लक्ष्य से काफी पीछे थे।
निरीक्षण के दौरान वह सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए थे। मामले में डीआईजी स्टांप अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि शासन से दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश नहीं आया है। इसलिए कार्रवाई नहीं की गई है। दोनों अधिकारी पूर्व की तरह ही अपने दफ्तर में काम कर रहे हैं।