बाबा विश्वनाथ को चढ़ाए गए अन्नकूट के प्रसाद में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। बाबा को अर्पित तो किया गया था छप्पन भोग लेकिन भक्तों को बेचे जा रहे प्रसाद में गिनती के लड्डू और मठरी रख दी गई है। प्रसाद के डिब्बे का आकार भी छोटा कर दिया गया है।न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एसएन त्रिपाठी से शिकायत की जांच कराने के लिए कहा है।
काशी में दीपावली के दूसरे दिन मनाए जाने वाले अन्नकूट महोत्सव पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में देशी घी से तैयार लड्डुओं का शिवालय बनाकर गर्भगृह के सामने सजाया गया था। बाबा को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया था। इसमें मेवा, खोवा, छेना से बनी तरह-तरह की मिठाइयों के अलावा नमकीन, मठरी, सूजी के लड्डू और सूखे मेवे भी थे। महोत्सव के समापन के बाद इसके प्रसाद के पैकेट तैयार करवाकर मंदिर प्रशासन की ओर से काउंटर से बेचे जाने लगे।
पिछले वर्ष जहां अन्नकूट के प्रसाद के पैकेट में 150 रुपये में एक किलो वजन तक की विविध प्रकार की मिठाइयां और नमकीन शामिल थे, वहीं इस बार सिर्फ मठरी और सूजी के कुछ लड्डू डिब्बे में बंद कर उसी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। वजन पांच सौ ग्राम से भी कम है। इतना ही नहीं, कुछ भक्तों की शिकायत है कि काउंटर से उनको अन्नकूट के प्रसाद की रसीद भी नहीं दी गई।
इस मामले में पूछने पर सीईओ ने कहा कि अन्नकूट के प्रसाद में गड़बड़ी कहां से और किस स्तर पर की गई, इसका पता लगाया जाएगा। यह करतूत बाबुओं की हो सकती है। बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी निखिलेश मिश्रा की निगरानी में अन्नकूट का प्रसाद भक्तों को मुफ्त वितरित कराने का निर्देश दिया है।