संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम की कक्षाएं नए सत्र से संचालित होंगी। राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो वर्षीय पाठ्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। छात्र हिंदू धर्म, परंपरा, दर्शन, शास्त्र, वेद, पुराण, रामायण व महाभारत के साथ ही सैन्य विज्ञान, भाषा विज्ञान, जैन, पाली, फारसी और प्राकृत का अध्ययन करेंगे।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया आगामी सत्र से प्रारंभ होगी। पाठ्यक्रम को काशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं लालबहादुर शास्त्री केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर तैयार किया गया है।
यह पाठ्यक्रम हिंदू धर्म के वैशिष्ट्य एवं परंपरा पर आधारित है। नई शिक्षा नीति के तहत शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। पाठ्यक्रम में पाश्चात्य दार्शनिकों का तुलनात्मक विवेचन प्रस्तुत किया गया है। इसके अंतर्गत पाठ्यक्रमों में प्रश्नपत्र चयन करने का विकल्प भी है।