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Yoga Courses: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में होगी अब योग की पढ़ाई, राजभवन ने डिप्लोमा, डिग्री और पीजी कोर्स को दी हरी झंडी

Thu, 26 May 2022 06:29 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अब संस्कृत के साथ ही योग की पढ़ाई भी होगी। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि पाठ्यक्रम पूर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर योग शिक्षक बनने का अवसर मिल सकेगा।  
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अब संस्कृत के साथ ही योग की पढ़ाई भी होगी। राजभवन ने शास्त्री, आचार्य एवं स्नातकोत्तर योग अध्ययन डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने पर मुहर लगा दी है। नए सत्र से इन पाठ्यक्रमों में दाखिले भी शुरू हो जाएंगे।

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गुरुवार को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के विशेष कार्याधिकारी प्रो. पंकज एल जानी द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार पाठ्यक्रम का संचालन स्ववित्तपोषित योजना के तहत संचालित किया जाएगा।  इसके साथ ही पाठ्यक्रम को परिनियमावली में समाहित करने का निर्देश दिया गया है। योग में स्नातकोत्तर उत्तीर्ण विद्यार्थी को योग में शोध भी कराया जाएगा।

सीबीसीएस एवं ग्रेडिंग प्रणाली पर आधारित होगा पाठ्यक्रम

कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि पाठ्यक्रम पूर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर योग शिक्षक बनने का अवसर मिल सकेगा।  उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने विश्वविद्यालय को सूचित किया है कि नई शिक्षा निति के अनुसार च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) एवं ग्रेडिंग प्रणाली आधार पर पाठ्यक्रम को परिवर्तित किया जाएगा।

एमए हिंदू पाठ्यक्रम में नए सत्र से होंगे दाखिले

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम की कक्षाएं नए सत्र से संचालित होंगी। राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो वर्षीय पाठ्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। छात्र हिंदू धर्म, परंपरा, दर्शन, शास्त्र, वेद, पुराण, रामायण व महाभारत के साथ ही सैन्य विज्ञान, भाषा विज्ञान, जैन, पाली, फारसी और प्राकृत का अध्ययन करेंगे।

कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया आगामी सत्र से प्रारंभ होगी। पाठ्यक्रम को काशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं लालबहादुर शास्त्री केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर तैयार किया गया है।
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यह पाठ्यक्रम हिंदू धर्म के वैशिष्ट्य एवं परंपरा पर आधारित है। नई शिक्षा नीति के तहत शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। पाठ्यक्रम में पाश्चात्य दार्शनिकों का तुलनात्मक विवेचन प्रस्तुत किया गया है। इसके अंतर्गत पाठ्यक्रमों में प्रश्नपत्र चयन करने का विकल्प भी है।
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