वर्ल्ड फोटोग्राफी डे (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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फोटोग्राफी ही बन गया लक्ष्य
बीएचयू से अप्लाइड आर्ट्स में स्नातक करने के दौरान कृष्णा को फोटोग्राफी सीखने का मौका मिला। धीरे-धीरे उनमें इस क्षेत्र के प्रति रुचि जागृत हुई। फिर कृष्णा ने फोटोग्राफी को ही अपना लक्ष्य बना लिया। कई राज्य स्तरीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता में उन्होंने बनारस की खूबसूरती और ऐतिहासिकता को दर्शा कर पुरस्कार जीते।
कृष्णा को 2019 में फोटोग्राफी के लिए सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से जूनियर फैलोशिप भी मिल चुकी है। कृष्णा द्वारा खींची गई निगमबोध घाट की तस्वीर राजेश्वरी कला महोत्सव में द्वितीय स्थान प्राप्त कर चुकी है। वहीं, राज्य ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिल चुका है। कृष्णा के लिए पद्मश्री रघु राय आइडियल हैं। वह रघु राय की तरह ही बनारस को अपनी तस्वीरों से जीवंत करना चाहते हैं।
पत्रकारिता से शुरू हुई फोटोग्राफी की यात्रा
काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने वाले अंकित श्रीवास्तव अब एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं। अंकित को फोटोग्राफी के क्षेत्र में कई अवार्ड से नवाजा जा चुका है। उनके लिए फोटोग्राफी शौक ही नहीं, बल्कि पैशन भी है। विभिन्न तरह की फोटोग्राफी में हुनर दिखाने वाले अंकित को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के लिए काफी सराहना मिली। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आयोजित प्रतिभा-2018 प्रतियोगिता में उन्हें फोटोग्राफी के लिए प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। आईआईएमटी ग्रुप आफ कॉलेज में फोटोग्राफी में द्वितीय पुरस्कार मिला। अंकित का मानना है कि अच्छे फोटो के लिए सबसे अहम विजन होता है, महंगा कैमरा नहीं।