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World Photography Day: 'महंगे कैमरे से नहीं, अच्छे विजन से खींची जाती है तस्वीर'

Wed, 19 Aug 2020 03:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी से दूर चंदौली में चकिया का झरना। - फोटो : जावेद अली।
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अच्छी तस्वीर लेना एक कला है। ये जरूरी नहीं कि जिसके पास महंगा कैमरा हो, वह अच्छी तस्वीर भी खींच सके। एक अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए विजन की जरूरत होती है। शहर में ऐसे कई युवा हैं, जिन्होंने शौकिया फोटोग्राफी शुरू की और अच्छे विजन की बदौलत आज वह फोटोग्राफी के क्षेत्र में नाम कर रहे हैं। कई राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की फोटोग्राफी प्रतियोगिता में पुरस्कार भी जीत चुके हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर हम ऐसे ही लोगों से आपको रूबरू करा रहे हैं। 

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प्रतियोगिता ने बदल दी सोच
काशी विद्यापीठ में 2013 में फाइन आर्ट्स की पढ़ाई शुरू करने वाले मानव ने सोचा भी नहीं था कि वह फोटोग्राफी के क्षेत्र में करियर बनाएंगे। लेकिन 2014 में राज्य ललित कला अकादमी की ओर से फोटोग्राफी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान मिलने के बाद मानव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फोटोग्राफी के अच्छे विजन की बदौलत निकॉन द्वारा आयोजित कई प्रतियोगिता में उन्हें पुरस्कार मिले हैं।


साथ ही मानव की कई तस्वीरें मैगजीन में फोटो फीचर के रूप में प्रकाशित हो चुकी हैं। मानव मुंबई की फोटोग्राफर अंकिता अस्थाना को अपना आइडियल मानते हैं। पिछले चार सालों से मानव प्री वेडिंग शूट, वेडिंग फोटोशूट, मेटरनिटी फोटोशूट, बेबी फोटोशूट जैसे कई फैशन ट्रेंड पर फोटोग्राफी कर चुके हैं। वह कमर्शियल फोटोग्राफर के तौर पर भी काम कर रहे हैं।

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वर्ल्ड फोटोग्राफी डे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
फोटोग्राफी ही बन गया लक्ष्य
बीएचयू से अप्लाइड आर्ट्स में स्नातक करने के दौरान कृष्णा को फोटोग्राफी सीखने का मौका मिला। धीरे-धीरे उनमें इस क्षेत्र के प्रति रुचि जागृत हुई। फिर कृष्णा ने फोटोग्राफी को ही अपना लक्ष्य बना लिया। कई राज्य स्तरीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता में उन्होंने बनारस की खूबसूरती और ऐतिहासिकता को दर्शा कर पुरस्कार जीते।

कृष्णा को 2019 में फोटोग्राफी के लिए सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से जूनियर फैलोशिप भी मिल चुकी है। कृष्णा द्वारा खींची गई निगमबोध घाट की तस्वीर राजेश्वरी कला महोत्सव में द्वितीय स्थान प्राप्त कर चुकी है। वहीं, राज्य ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिल चुका है। कृष्णा के लिए पद्मश्री रघु राय आइडियल हैं। वह रघु राय की तरह ही बनारस को अपनी तस्वीरों से जीवंत करना चाहते हैं।
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world photography day - फोटो : अंकित श्रीवास्तव।
पत्रकारिता से शुरू हुई फोटोग्राफी की यात्रा
काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने वाले अंकित श्रीवास्तव अब एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं। अंकित को फोटोग्राफी के क्षेत्र में कई अवार्ड से नवाजा जा चुका है। उनके लिए फोटोग्राफी शौक ही नहीं, बल्कि पैशन भी है। विभिन्न तरह की फोटोग्राफी में हुनर दिखाने वाले अंकित को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के लिए काफी सराहना मिली। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा आयोजित प्रतिभा-2018 प्रतियोगिता में उन्हें फोटोग्राफी के लिए प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। आईआईएमटी ग्रुप आफ कॉलेज में फोटोग्राफी में द्वितीय पुरस्कार मिला। अंकित का मानना है कि अच्छे फोटो के लिए सबसे अहम विजन होता है, महंगा कैमरा नहीं।
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