आईएमएस बीएचयू आयुर्वेद संकाय के क्रिया शरीर विभाग के वैद्य सुशील दूबे के आयुर्वेदिक औषधियां मधुमेह से बचाती है। अगर शुरुआती स्टेज में मधुमेह की जानकारी मिल जाए तो हल्दी, आंवले का चूर्ण बनाकर रोजाना विशेषज्ञ की सलाह पर एक चम्मच लेते रहना चाहिए। इसके अलावा शिलाजीत, स्वर्णमाक्षिक, चाल मोंगरा का सेवन भी बहुत उपयोगी होता है। पीपल, बेल की पत्ती, नीम की पत्ती, बैर की पत्ती को पीस कर पिया जाए तो मधुमेह की संभावना कम हो जाती है।
बीएचयू इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. एनके अग्रवाल ने कहा कि अगर घर में कोई मधुमेह रोगी है तो 30 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को साल में कम से कम एक बार मधुमेह की जांच कराते रहना चाहिए। बीएचयू अस्पताल में पिछले कुछ सालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिनके घर में कोई न कोई इससे ग्रसित है। बहुत से लोग परहेज नहीं करते, दवा भी बीच में छोड़ देते हैं। उनके लिए यह बीमारी आगे चलकर परेशानी का कारण बन जाती है।