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World Diabetes Day: साइलेंट किलर बन रही इस बीमारी को किचन के मसालों से करें दूर, बरतें ये सावधानी

Mon, 14 Nov 2022 05:16 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मधुमेह से बचाव के प्रति जागरूकता के लिहाज से हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। आम तौर पर मधुमेह को लेकर लोगों के मन में यही रहता है कि यह बीमारी 40 साल के बाद वालों में होती है लेकिन अब अस्पतालों में कम उम्र वाले मरीज भी आ रहे हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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अगर आपको शुरुआती दौर का मधुमेह है और उसके लक्षण समय से पता चल गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। चिकित्सक की सलाह से आप अपने घर के किचन में मौजूद मसालों और बागवानी के पत्तियों के प्रयोग से ही इससे छुटकारा पा सकते हैं। बीएचयू के वैद्य सुशील दूबे के अनुसार मधुमेह में एलोपैथिक दवाओं की तरह ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति भी उतनी ही लाभकारी है। 

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मधुमेह से बचाव के प्रति जागरूकता के लिहाज से हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। आम तौर पर मधुमेह को लेकर लोगों के मन में यही रहता है कि यह बीमारी 40 साल के बाद वालों में होती है लेकिन अब अस्पतालों में कम उम्र वाले मरीज भी आ रहे हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक इसके पीछे अनियमित जीवन शैली और खानपान सही तरीके से न होना ही मुख्य वजह है। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के काय चिकित्सा विभाग के डॉ. अजय कुमार के अनुसार आहार-विहार पर ध्यान देकर मधुमेह और इससे होने वाली अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। 

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आयुर्वेदिक औषधियों से सफल इलाज

आयुर्वेदिक औषधियां - फोटो : अमर उजाला
आईएमएस बीएचयू आयुर्वेद संकाय के क्रिया शरीर विभाग के वैद्य सुशील दूबे के आयुर्वेदिक औषधियां मधुमेह से बचाती है। अगर शुरुआती स्टेज में मधुमेह की जानकारी मिल जाए तो हल्दी, आंवले का चूर्ण बनाकर रोजाना विशेषज्ञ की सलाह पर एक चम्मच लेते रहना चाहिए। इसके अलावा शिलाजीत, स्वर्णमाक्षिक, चाल मोंगरा का सेवन भी बहुत उपयोगी होता है। पीपल, बेल की पत्ती, नीम की पत्ती, बैर की पत्ती को पीस कर पिया जाए तो मधुमेह की संभावना कम हो जाती है। 

घर में है कोई मधमुह रोगी तो सभी को करानी चाहिए जांच

बीएचयू इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. एनके अग्रवाल ने कहा कि अगर घर में कोई मधुमेह रोगी है तो 30 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को साल में कम से कम एक बार मधुमेह की जांच कराते रहना चाहिए। बीएचयू अस्पताल में पिछले कुछ सालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिनके घर में कोई न कोई इससे ग्रसित है। बहुत से लोग परहेज नहीं करते, दवा भी बीच में छोड़ देते हैं।  उनके लिए यह बीमारी आगे चलकर परेशानी का कारण बन जाती है।

मधुमेह के कारण

  • - आलस्य, देर तक सोना। 
  • - दही का सेवन करना। 
  • - गुड़ बनते समय राब और चीनी का अधिक सेवन करना।
  • - नया अनाज अधिक खाना। 
  • - किसी बात को लेकर हमेशा चिंता करना। 

मधुमेह के लक्षण 
  • -बार बार पेशाब लगना।   
  • -वजन का कम होना। 
  • -हाथ पैर में जलन महसूस होना। 
  • -बहुत देर तक सोना, आंखों से धुंधलापन दिखना 
  • -शरीर में किसी घाव का न भरना। 
  • -शरीर से अतिरिक्त पसीना आना और कमजोरी महसूस होना। 
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यह बरतें सावधानी
  • -हर दिन सुबह 30 से 45 मिनट तक योग, व्यायाम।
  • -शरीर में नाक, मस्तक से पसीना आने तक पैदल जरूर चलना चाहिए। 
  • -तेल, घी, मसाले वाले भोजन का कम इस्तेमाल करना। 
  • -अगर शुरूआती लक्षण दिखें तो चिकित्सक की सलाह पर दवा लेनी चाहिए।
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