जल जीवन मिशन में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कवायद में हेराफेरी हुई है। योजना के तहत आधे-अधूरे काम छोड़कर जलापूर्ति शुरू करने का दावा कर जल निगम ने 38 ग्राम पंचायतों में काम पूरा होने का प्रमाणपत्र जिला प्रशासन को दे दिया।
गांवों में जगह-जगह सड़कें खोदकर पाइपलाइन डाली गई हैं, लेकिन गड्ढे वैसे ही छोड़ दिए गए हैं। इसकी वजह से ग्रामीण परेशान हैं। जिला विकास अधिकारी अशोक कुमार ने जल निगम के एक्सईएन को काम की जांच करवाकर कार्यदायी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि अगर सुधार न हुआ तो एक्सईएन की संलिप्तता मानते हुए विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, लेटलतीफी और अधूरे काम की वजह से कार्यदायी संस्था पर पेनाल्टी लगाई गई है।