लोकसभा चुनाव में जीत के बाद अनुप्रिया पटेल ने रोहनिया विधानसभा की सीट छोड़ दी। यहां उपचुनाव हुआ तो सुरेंद्र पटेल के भाई महेंद्र पटेल विधायक बन गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में सुरेंद्र को सपा से टिकट मिलने की चर्चा थी, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन सपा ने पहले से घोषित प्रत्याशी शालिनी यादव की जगह बीएसफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव को अपना प्रत्याशी घोषित कर नामांकन करवा दिया था। बाद में सपा शालिनी यादव को अपना सिंबल दिया और वह दूसरे नंबर पर रहीं। अब शालिनी यादव भाजपा में हैं। सपा नेताओं का कहना है कि सुरेंद्र पटेल जमीनी नेता हैं। एक जमाने में सुरेंद्र पटेल की राजातालाब में चकबंदी कार्यालय के बाहर चाय की दुकान लगती थी।