कोई ग्रेजुएट तो कोई शिक्षक
प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या के आरोप में बंद चौबेपुर निवासी महिला की तीन साल की बेटी भी उसके साथ है। महिला पोस्ट ग्रेजुएट है। वह अपनी बेटी को खुद पढ़ाती है। बच्ची को पढ़ते देख अन्य महिला बंदियों के बच्चे भी उस बैरक में पढ़ने पहुंचते हैं। फूलपुर थाना क्षेत्र की एक युवती अपनी भाभी की हत्या में आरोपी है, पहले वह किसी स्कूल में शिक्षक थी। अब वह अपना अनुभव जेल में बच्चों के साथ बांट रही है।
जेल से स्कूल जाती थी बच्ची
चंदौली की चकिया निवासी युवती शादी वाले दिन प्रेमी के साथ मिलकर पति की खंजर से हत्या के आरोप में पिछले आठ साल से बंद है। जेल में बेटी के जन्म के बाद जब वह पढ़ने लायक हुई तो उसका दाखिला नदेसर स्थित घौसाबाद प्राथमिक विद्यालय में कराया। उस समय बंदी रक्षक उसे स्कूल लेने और छोड़ने जाते थे। कोरोना काल में स्कूल बंद हुआ तो बेटी को उसके फूफा साथ ले गए।
जिला जेल चौकाघाट के जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि जेल में इस समय कुल बारह बच्चे हैं, 102 महिला बंदियों में अधिकतर बंदी बच्चों को सुबह और शाम पढ़ा रही हैं। इनमें छह से सात बच्चे प्रतिभाशाली हैं। इन पर वह विशेष ध्यान दे रही हैं।