आधी आबादी पहले ही पुरुषों के साथ कई मोर्चों पर कंधे से कंधे मिला चल रही हैं। जल्द ही ये महिलाएं राजमिस्त्री के रूप में इमारतें खड़ी करतीं नजर आएंगी। इन्हें नाम मिला है ‘रानी मिस्त्री’ का।
यूपी के आजमगढ़ जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हो रहे शौचालय निर्माण में राजमिस्त्रियों की आ रही कमी को देखते हुए सहायता समूहों की 35 महिलाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। डीएम शिवाकान्त द्विवेदी ने ठेकमा ब्लाक के ग्राम मुड़हर में प्रशिक्षण का निरीक्षण किया।
डीएम ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद गांवों में महिलाएं राजमिस्त्री का काम भी करेंगी। 200 महिलाओं ने प्रशिक्षण के लिए नामांकन कराया है। इससे उन्हें गांव में ही रोजगार मिलेगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों के निर्माण में प्रगति आएगी।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पांचों ब्लाकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे हमें जनपद में एक हजार राजमिस्त्री मिलेंगे। डीसी एनआरएलएम को सभी महिलाओं को एक दिन का मानदेय 400 रुपये और किट दिलाने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने मुड़हर में महिलाओं की ओर से बनाए जा रहे शौचालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गांव में 495 शौचालय दिए गए हैं। इसमें 270 पर कार्य चल रहा है। महिलाओं ने डीएम से आग्रह किया कि हमारे पास शौचालय बनवाने के लिए जमीन नहीं है।
डीएम ने प्रधानपति राहुल यादव से कहा कि ग्राम समाज की जमीन का आवासीय पट्टा कराने को कहा। इसके बाद सांसद आदर्श ग्राम तमौली का भी निरीक्षण किया। स्वच्छ भारत मिशन और अन्य योजनाओं को प्रगति देने के निर्देश दिए।