सात जुलाई से विवाह व मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। विवाह के लिए जुलाई के महीने में 7, 9, 11, 12, 13, 15 तारीख को विवाह मुहूर्त मिलेंगे। शादी-विवाह के साथ ही नामकरण, जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, भवन-वाहन, आभूषण की खरीदारी शुरू हो जाएगी। फिर 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास का आरंभ हो जाएगा।
इन चार महीनों में मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्य फिर शुरू हो जाएंगे और 14 दिसंबर तक चलेंगे। नवंबर में विवाह के सात और दिसंबर में आठ शुभ मुहूर्त मिलेंगे।
रवि-गुरु का संयोग होता है सिद्धिदायक और शुभ
प्रो. द्विवेदी के अनुसार शादी के शुभ मुहूर्त के लिए नौ ग्रहों में गुरु, शुक्र और सूर्य का उदित होना जरूरी माना गया है। वहीं, अगर रवि गुरु का संयोग हो तो यह और अधिक सिद्धिदायक और शुभ फलदायी होता है। इन तिथियों पर शादी-विवाह करना बेहद शुभ माना गया है। शुक्र और गुरु ग्रह के अस्त होने पर विवाह आदि कार्य नहीं किए जाते हैं।
शुक्र उदय होने से वृषभ, सिंह, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए बेहतर रहेगा। वृषभ राशि वालों को धनलाभ, सिंह राशि को भौतिक सुखों की प्राप्ति, तुला राशि को निवेश से लाभ और कुंभ राशि वालों को मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
छह दिन में 50 करोड़ से अधिक के कारोबार की उम्मीद
छह दिन के लग्न में बनारस में दो हजार से अधिक शादियों के होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट रोड, सारनाथ क्षेत्र के होटल और लान में कम और अच्छा मुहूर्त होने के कारण एक ही दिन में दो-दो शादियों की बुकिंग की गई है। व्यापारियों की मानें तो इन छह दिनों में 50 करोड़ से अधिक के कारोबार होने की उम्मीद है।