इसी के साथ थाना परिसर में दो सूट का गेस्ट हाउस ताकि प्रत्येक नवरात्र में जो पुलिस अधिकारी अथवा प्रशासनिक अधिकारी आते हैं, बैठक करते हैं उनको कोई परेशानी न हो। इसके लिए चार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इस के अतिरिक्त कचौड़ी गली, पक्काघाट व अन्य घाटों के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण के लिए चार करोड़ 64 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।
इसी के साथ ही मंदिर व बनने वाली सड़कों के सुंदरीकरण व प्रकाश व्यवस्था के लिए 11 करोड़ 94 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है। प्रशासन का मानना है कि यदि दर्शनार्थियों को सुविधा मिलेगी तो इस क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित किया जा सकता है। मंदिर आने वाले हर रास्ते का सुंदरीकरण व चौड़ीकरण का प्रस्ताव है ताकि बाहर से जो भी मंदिर आना चाहे उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो।
घर व दुकानों का पुनर्वास होगा
इस योजना के तहत मंदिर के चारो ओर 40 फीट की परिधि में जो भी दुकान व आवास आएंगे। उनको वहां से हटाया जाएगा। इसके लिए उनको उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। इस मद के लिए जिला प्रशासन ने एक सौ 61 करोड़ 35 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बाहर से आने वाले वाहनों के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग व वाहन चालकों के लिए टायलेट आदि का भी प्रावधान किया गया है। अब यह बजट पर निर्भर करता है कि कौन का काम कितना हो पाता है।
सिटी मजिस्ट्रेट सुशील लाल श्रीवास्तव ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में ताजा स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूरे परिसर की नपाई व पैमाइश की जा चुकी है। उसकी रिपोर्ट भी दी जा चुकी है।