वाराणसी। गलत तरीके से मनरेगा मजदूरी निकालने के मामले में चिरईगांव के ग्राम रोजगार सेवक अनिल कुमार सिंह को हटा दिया गया। मनरेगा के जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से दर्ज मुकदमा के संबंध में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने तीन सदस्यीय टीम से जांच करवाई थी।
जांच में पाया गया कि चिरईगांव ब्लॉक के इंदिरा आवास निर्माण में जिन लोगों के नाम से मनरेगा मजदूरी निकाली गई। वे फर्जी मिले। मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुल्गी की ओर से ग्राम पंचायत चिरईगांव के ग्राम रोजगार सेवक अनिल कुमार सिंह को दोषी मानते हुए उनकी संविदा समाप्त करने का आदेश दिया गया। संबंधित ग्राम पंचायत की ओर से दोषी को स्थानीय पार्टीबंदी से प्रभावित होकर हटाया नहीं गया। ऐसी स्थिति में ग्राम रोजगार सेवक को हटाते हुए संविदा पद को रिक्त घोषित किया गया। इस दौरान व्यय धनराशि के संबंध में आगे की कार्रवाई कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी चिरईगांव देखेंगे।