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बीएचयू: आईएमएस निदेशक आवास मरम्मत मामले की हो सकती है विजिलेंस जांच, कमीशन ने स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा मामला

Tue, 05 Oct 2021 01:02 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सेंट्रल विजिलेंश कमीशन में शिकायत स्वीकारने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। कमीशन ने स्वास्थ्य मंत्रालय के विजिलेंस ऑफिस के पास मामला भेज दिया है।
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ims bhu - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा के लिए कायाकल्प के तहत मिली धनराशि से निदेशक आवास के मरम्मत मामले में विजिलेंस जांच शुरू हो सकती है। पिछले दिनों आरटीआई कार्यकर्ता ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन में शिकायत कर कायाकल्प के धन से 43 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च होने पर सवाल खड़ा करते हुए जांच की मांग की थी। इधर कमीशन ने न केवल शिकायती पत्र को स्वीकार लिया है बल्कि आगे की कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय में विजिलेंस आफिस को निर्देशित किया है।

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बता दें कि अमर उजाला ने आईएमएस बीएचयू बीएचयू के निदेशक आवास की मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च करने की खबर प्रकाशित की थी। आईएमएस बीएचयू में कायाकल्प मद में 200 करोड़ से अधिक की धनराशि मिल चुकी है। इसके तहत अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य जगहों पर काम शुरू हो गया है।

आरटीआई में जानकारी मांगने वाले रजवारी निवासी संजय सिंह ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के साथ ही सेंट्रल विजिलेंस कमीशन में 23 सितंबर को शिकायत कर जांच की मांग की थी। इधर कमीशन ने शिकायत को स्वीकार करने के बाद 30 सितंबर को उसे स्वास्थ्य मंत्रालय के चीफ विजिलेंस आफिस(सीवीओ) के पास भेज दिया है। इसमें शिकायत के आधार पर मूल्यांकन की बात कही है। माना जा रहा है कि अब कमीशन के इस पहल के बाद मामले की जल्द ही विजिलेंस जांच शुरू हो सकती है।

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प्रोफेसर, सपा नेताओं, छात्रों ने उठाए थे सवाल 

कायाकल्प मद से निदेशक के आवास मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च करने के मामले में आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सवाल खड़ा किया था। इसके अलावा सपा पिछड़ा वर्ग के नेताओं ने भी जांच की मांग की थी।
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