जिला जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना के अनुसार जेल में बंद होने के दौरान अनिल दत्ता से कोई मिलने नहीं आया और वह बीपी, शुगर रोगी होने के साथ ही अवसादग्रस्त भी था। जेल अस्पताल में उपचार हो रहा था, 28 अगस्त को भी जिला अस्पताल और बीएचयू में भर्ती कराया गया था। बुधवार रात में ज्यादा तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान अनिल ने दम तोड़ दिया।
ये भी पढ़ें- जौनपुर में एनकाउंटर: पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, साथी फरार
तीन दशक पूर्व वाराणसी दक्षिणी से कांग्रेस की सीट पर विधायक चुने गए डॉ. रजनीकांत दत्ता सहित पांच सदस्यों की मौत पिछले छह माह में हुई। दिवंगत डॉ. रजनीकांत के सबसे पहले बड़े पुत्र डॉ. अश्विनी दत्ता की कोरोना से मौत हुई।
21 जुलाई को बहू डॉ. सपना दत्ता की हत्या हो गई। बेटे और बहू की मौत, एक बेटे के जेल में बंद होने का ऐसा गहरा सदमा लगा कि अगस्त में पत्नी मधु दत्ता का निधन हो गया। पिछले माह 29 अगस्त को डॉ. रजनीकांत दत्ता भी चल बसे। माता-पिता की मौत और परिवार में किसी सदस्य से संपर्क नहीं होने के कारण अवसादग्रस्त अनिल दत्ता की भी मौत हो गई।
कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. रजनीकांत के पांच पुत्रों में अनिल कुमार दत्ता तीसरे नंबर का था और उसके तीन मेडिकल स्टोर चलते थे। घरेलू कलह को लेकर अनिल संत रघुवरनगर कॉलोनी का मकान छोड़कर विश्वनाथ गली में रहने लगा था, जबकि अंजनी और छोटे भाई अमित कॉलोनी स्थित मकान में रहते थे।
डॉ. सपना के पति ने जताई हत्या की आशंका
चिकित्सक पत्नी डॉ. सपना की हत्या में पति डॉ. अंजनी दत्ता ने छह सितंबर को पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता कर सिगरा पुलिस पर आरोप लगाया था। डॉ. अंजनी दत्ता के अनुसार अनिल दत्ता के साथ ही कौशल कुमार उर्फ रौशन की गिरफ्तारी हुई थी। साजिशकर्ता के तौर पर छोटे भाइयों डॉ. आशीष दत्ता और अमित दत्ता का नाम भी तहरीर में दिया था लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी। आशंका है कि मेरी भी हत्या कराई जा सकती है।