त्योहारी सीजन में यातायात के साधनों पर दबाव बढ़ जाता है। बात करें रेलवे की तो यात्रियों की संख्या बढ़ने से अक्सर एक सीट के लिए भारी कीमत तक चुकानी पड़ती है। होली पर इस बार भी यही हाल है। ज्यादातर ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं। साथ ही वेटिंग की स्थिति भी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। जो लोग किसी तरह से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों से होली पर घर आ गए हैं और जाने का टिकट नहीं लिया है, उनकी मुश्किल और बढ़ने वाली है। आलम यह है कि होली के बाद 19 मार्च से वाराणसी से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 22178 महानगरी, 12168 बनारस-दादर के साथ 11072 कामायनी में लंबी वेटिंग है। महानगरी, कामायनी और बनारस-दादर में स्लीपर की सीटें अभी से 100 के पार प्रतीक्षा में चल रही हैं। ट्रेन संख्या 22417 वंदे भारत के साथ 12559 शिवगंगा, 14007 सद्भावना और 12875 नीलांचल एक्सप्रेस में 19 से 22 मार्च तक लंबी वेटिंग है।
यात्री इस तरह करा सकते हैं तत्काल टिकट
रेलवे द्वारा कुछ सीटें तत्काल के लिए रिजर्व रखी जाती हैं, जिसकी बुकिंग एक दिन पहले होती है। इनमें एसी की सीट के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर की सीटों के लिए सुबह 11 बजे से बुकिंग की जाती है। यात्री रेलवे स्टेशन के करेंट काउंटर या आईआरसीटीसी द्वारा अधिकृत आरक्षण केंद्रों के साथ ऑनलाइन भी तत्काल सेवा का लाभ ले सकते हैं।
इन ट्रेनों में तत्काल के सीटों की संख्या
ट्रेन का नाम ---स्लीपर--- एसी 3 --- एसी 2
महानगरी--- 308 ---40--- 14
कामायनी ---216--- 110 ---14
शिवगंगा ---60 ---76--- 16
महामना ---196 ---00 ---14
दानापुर-सिकंदराबाद ---120--- 45--- 11
विभूति ---99 ---30 ---07
गरीब रथ---00--- 288--- 00
वंदे भारत--- सीसी ---52 ईसी ---6
कोराना काल में कोविड स्पेशल के नाम से चलाई जा रही ट्रेनों में तत्काल की सुविधा अभी भी बहाल नहीं हो सकी है। दिल्ली जाने वाली बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट, मुंबई जाने वाली बनारस-दादर और बेगमनपुरा में तत्काल की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है।