इसी बीच अशोक के मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया और यश के रोने की आवाज आई। बच्चे ने कहा कि हम जंगल में हैं बचा लीजिए। इसके बाद परिजन और परेशान हो गए। सुबह नौ बजे मंगला प्रसाद के मोबाइल पर फोन आया कि बच्चे की सलामती चाहते हो तो तीन लाख रुपये भेज दो और बच्चे को बीरभानपुर स्थित हनुमान मंदिर के पास छोड़ दूंगा।
बैंक खाता संख्या एसएमएस से भेज रहा हूं। दोबारा 11 बजे फोन करने की बात कहते हुए अपहर्ता ने फोन काट दिया। इसके बाद परिजनों ने रोहनिया थाने में बेटे के अपहरण की तहरीर दी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा के निर्देश पर तत्काल रोहनिया पुलिस, क्राइम बांच, सर्विलांस सेल को लगाया गया।
अनजान नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया तो लोकेशन गंगापुर में मिली। पुलिस ने सर्विलांस के सहारे आरोपी वेटर मदन लाल पटेल निवासी बदरी का पूरा, टकटइया करछना प्रयागराज को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से यश को मुक्त कराते हुए परिजनों को सुपुर्द किया।
प्रयागराज के रहने वाले आरोपी वेटर मदनलाल पटेल के अनुसार पैसे की जरूरत थी और लगा कि बच्चे को अपहरण कर लिया जाए तो तंगी दूर हो जाएगी। इसलिए देर रात चुपके से घर गया और दादा के बिस्तर पर सो रहे यश को उठा लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि बैंक खाता में पैसा आता तो सबसे पहले एटीएम जाता और पैसे निकालता। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि आरोपी वेटर के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है, प्रयागराज पुलिस से संपर्क किया गया।
बच्चे की सकुशल बरामदगी पर एसपी ग्रामीण अमित वर्मा, एएसपी ग्रामीण नीरज पांडेय, सीओ सदर डॉ. चारू द्विवेदी, क्राइम ब्रांच प्रभारी ग्रामीण अश्विनी चतुर्वेदी, रोहनिया थानाध्यक्ष हरीनाथ भारती को माला पहनाकर परिजनों और ग्रामीणों ने आभार जताया। वही थाने में यश अपने दादा व पिता को देखते ही गले से लिपट गया, बच्चे को देख दादा और पिता की आंखें डबडबा गईं।
घर पर पहुंचे यश को देखते ही मां सीमा देवी के आंसू छलक उठे। बेटे को दुलारते हुए सीमा के अनुसारपुलिस ने आज हमारी गोद खाली होने से बचा लिया। बाबा विश्वनाथ की कृपा से हमारा बच्चा हम लोगों के बीच में है।