बीएचयू अस्पताल का सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अस्पताल में इलाज के लिए अब बच्चों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भी उनका इलाज किया जाएगा। इमरजेंसी और ओपीडी में डेंगू एवं अन्य संक्रामक रोग से ग्रसित मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
इसमें बच्चों के साथ ही अन्य मरीजों का भी इलाज किया जाएगा। अब अस्पताल प्रशासन की ओर से चौथे मंजिल पर जनरल मेडिसिन और बाल रोग विभाग के लिए 30-30 बेड आवंटित किए गए हैं। इसके बाद जहां मरीजों के सामने बेड की कमी का संकट दूर हो जाएगा वहीं इलाज में सहूलियत होगी।
अमर उजाला ने एक मेज पर दो बच्चों का इलाज करने के साथ ही स्ट्रेचर पर भर्ती मरीजों की दुश्वारियों की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के साथ ही व्यवस्था में सुधार की बात भी उठाई थी। इसके बाद खबरों का संज्ञान लेते हुए बीएचयू प्रशासन ने यह बदलाव किया है। बीएचयू अस्पताल में करीब 15-20 दिन से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
हालत यह है कि इमरजेंसी में सभी बेड भर जाने के बाद वार्ड के बाहर स्ट्रेचर पर मरीजों को रहना पड़ रहा है। वहीं इमरजेंसी के चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों की संख्या बढ़ने की वजह से मेज पर इलाज करना मजबूरी हो गई थी। अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता की ओर से बुधवार को जारी आदेश से उन बच्चों और मरीजों को राहत होगी, जिनको बेड न मिलने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता था।