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Crime News: बीमा पॉलिसी की डिटेल्स हैक कर हड़पते थे रुपये, अंतरराज्यीय गिरोह के तीन जालसाज गिरफ्तार

Sun, 25 Feb 2024 04:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Crime News: साइबर क्राइम थाने की पुलिस को आगरा में उस समय सफलता हाथ लगी जब अंतरराज्यीय गिरोह के तीन जालसाजों को उन्होंने गिरफ्तार किया। पुलस के अनुसार, साइबर अपराधी जितने फ्रॉड करते हैं, उसमें भी काम के अनुसार हिस्सा होता था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बीमा पॉलिसी का विवरण हैक कर और फर्जी पते पर बैंक खाता खुलवा कर लोगों के रुपये हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन जालसाजों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों की पहचान हाथरस जिले के सादाबाद थाने के कोठी बड़ार के सुनील कुमार और आगरा के बरहन थाना के मुखवार के रितेंद्र कुमार व शेरखां, उस्मानपुर के शिवम कुमार के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 12 मोबाइल, 52 डेबिट कार्ड, 57 पासबुक, 88 चेकबुक, 12 सिम और 6380 रुपये बरामद हुए हैं।

साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र ने बताया कि दांदूपुर के सुनील कुमार की तहरीर पर पिछले साल मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनील ने बताया था कि उन्होंने पीएनबी मेटलाइफ सुपर सेवर नाम की पॉलिसी ली थी। उसे हैक कर उसका पूरा विवरण उन्हें बताया गया। इससे उन्हें विश्वास हो गया था कि वह पीएनबी मेट लाइफ का एजेंट बोल रहा है। हैकर ने उन्हें बोनस का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके साथ 9,61,337 रुपये की धोखाधड़ी की थी। 
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इंस्पेक्टर ने बताया कि उनके नेतृत्व में एसआई संजीव कन्नौजिया और हेड कांस्टेबल श्याम लाल गुप्ता व रविकांत जायसवाल की टीम ने जां की। सर्विलांस की मदद से तीनों को गिरफ्तार किया गया।

पैसा कमाने के लालच में शुरू किया काम
पुलिस की पूछताछ में सुनील कुमार उर्फ सुनील चौधरी और उसके साथियों ने बताया कि पैसा कमाने के लालच में साइबर अपराधियों से मिले थे। इसके बाद लोगों को पैसे का लालच देकर उनके आधार कार्ड का पता बदल देते थे। फिर खाता खोलकर फर्जी तरीके से मिले सिम को बैंक में रजिस्टर्ड कराकर साइबर अपराधियों को 30-35 हजार रुपये में बेच देते थे। 

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर में साइबर फ्रॉड से प्राप्त पैसों की जानकारी आती थी। साइबर अपराधियों के माध्यम से पैसा निकालकर हिस्सा बांट लेते थे। साथ ही, साइबर अपराधी जितने फ्रॉड करते हैं, उसमें भी काम के अनुसार हिस्सा होता था। इसी तरह से साथियों के साथ मिलकर वाराणसी के सुनील कुमार से भी फ्रॉड किया था।
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