19 सितंबर की रात बंगलूरु निवासी बीएच कृष्णामूर्ति (52) गणेश महाल स्थित एक गेस्ट हाउस के प्रथम तल में कमरा लिया। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने अगले दिन बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। दर्शन-पूजन कर वापस आने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। गुरुवार को भी उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो गेस्ट हाउस के कर्मचारियों को शंका हुई।
दशाश्वमेध थाना के गणेश महाल स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए दक्षिण भारतीय श्रद्धालु ने फंदा लगाकर जान दे दी। गेस्ट हाउस प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवा कर शव को फंदे से उतारा। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। गेस्ट हाउस में श्रद्धालु द्वारा दर्ज कराए गए नाम-पते के आधार पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। श्रद्धालु की मां ने बताया कि वह घर से गायब था और इस संबंध में 17 सितंबर को स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
19 सितंबर की रात बंगलूरु निवासी बीएच कृष्णामूर्ति (52) गणेश महाल स्थित एक गेस्ट हाउस के प्रथम तल में कमरा लिया। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने अगले दिन बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। दर्शन-पूजन कर वापस आने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। बृहस्पतिवार को भी उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो गेस्ट हाउस के कर्मचारियों को शंका हुई। दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला। इस पर गेस्ट हाउस का स्टाफ दरवाजे में बने छेद से कमरे में झांका तो दक्षिण भारतीय श्रद्धालु फंदे के सहारे लटका हुआ था।
दरवाजे को तोड़ कर पुलिस अंदर घुसी तो दक्षिण भारतीय श्रद्धालु फंदे से लटका हुआ था। दक्षिण भारतीय श्रद्धालु के पास से 500 रुपये, आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड मिला। इस संबंध में दशाश्वमेध थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्र ने बताया कि दक्षिण भारतीय श्रद्धालु की मां चनम्मा से बात हुई है। वह परिजनों को बताए बगैर ही यहां आए थे और उनके स्थानीय थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज है। उनकी शादी नहीं हुई थी और आत्महत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हुई है। परिजनों के आने पर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।