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Varanasi News: BHU में ईसी, VC और चांसलर नहीं, अनाथ जैसी स्थिति; पीएम को भेजी चिट्ठी में लिखी ये बात

Tue, 29 Apr 2025 04:56 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश को लेकर छात्रों में आक्रोश है। समस्या से अवगत और इसके समाधान के लिए छात्र नेता ने पीएम मोदी ने चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में विश्वविद्यालय के खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं।
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पीएचडी प्रवेश को लेकर पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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BHU College: बीएचयू में न तो कार्यकारिणी परिषद (ईसी) है, न कुलपति (वीसी) और न ही कुलाधिपति (चांसलर)। ऐसी स्थिति में बीएचयू की स्थिति अनाथ जैसी है। छात्रों ने ये शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी है।

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पीएचडी मसले को लेकर छात्रों की आक्रोश सभा में आए छात्र नेता अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने तमाम छात्रों की ओर से पीएम मोदी को पत्र लिखा है। विश्वविद्यालय के शैक्षिक वातावरण, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का अपारदर्शी होना, विश्वविद्यालय में जातीय उन्माद की स्थिति, सामाजिक सौहार्द का बिगड़े स्वरूप को बताया है। इन सारी समस्याओं का मूल कारण विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति का न होना है।

वहीं, महामना के पौत्र न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय के निधन के बाद से बीएचयू का कोई कुलाधिपति भी नहीं है। ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय की स्थिति अनाथ जैसी है। डॉ. पुष्पेंद्र सिंह और डॉ. अवनींद्र राय ने कहा कि अब प्रधानमंत्री को विश्वविद्यालय पर ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, छात्रनेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि स्थायी कुलपति विश्वविद्यालय के लिए बेहद जरूरी है। अभय सिंह ने कहा कि मोदी इन सभी समस्याओं का समाधान कर सकते है। 

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वसंता कॉलेज में आरक्षण उल्लंघन के आरोप पर यूजीसी ने निर्देश वीसी को दिया

बीएचयू की वसंत महिला महाविद्यालय पर नियुक्तियों मामले में लगे आरोपों को लेकर यूजीसी ने बीएचयू के कुलपति को कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। यूजीसी की डिप्टी सेक्रेटरी पूजा भौमिक की चिट्ठी शिकायतकर्ता डॉ. पल्लवी पांडेय को भी प्राप्त हो गई है। 

आवेदक डॉ. पल्लवी पांडेय की ओर से यूजीसी में शिकायत कराई गई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2023 के विज्ञापन में गृहविज्ञान विषय के पद को निजी हित के चलते आरक्षण के नियमों का उल्लंघन कर बदल दिया गया और वहीं बाद के पदों को भी मनमाने तरीके से रिजर्वेशन रोस्टर किया गया है। डॉ. पांडेय ने अपने अधिवक्ता के जरिए बीएचयू के कुलपति और कुलसचिव, राष्ट्रपति के सचिव से भी इसकी शिकायत की थी।

 इस मामले में प्राचार्य प्रो. अल्का सिंह पर भी कई आरोप लगे हैं। इस मसले को लेकर प्राचार्य प्रो. अल्का सिंह ने कहा, मेरे पास भी पत्र आया है। आरोप लगाने वाले हर बार सही नहीं होते। शिकायत करने वालों का कोई भी तथ्य सही नहीं है। बहुत कुछ कहा जा सकता है। लेकिन क्या कर सकते हैं।
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