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LS Polls: 73 वर्षों में पहली बार कांग्रेस को मिले 4.60 लाख वोट, काशी की सियासी जमीन पर लगातार तीसरी हार

Wed, 05 Jun 2024 10:42 PM IST
प्रगति चंद आलोक कुमार त्रिपाठी, वाराणसी।

सार

काशी की सियासी जमीन पर कांग्रेस को लगातार तीसरी हार मिली, लेकिन वोटों का प्रतिशत सुधरा है। यहां कांग्रेस को 73 साल के इतिहास में पहली बार 4.60 लाख वोट मिला। 1951-52 के पहले आम चुनाव के बाद पहली बार कांग्रेस ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। 
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कांग्रेस पार्टी के झंडे (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने काशी की सियासी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत की है। 73 साल के इतिहास में लगातार तीसरी हार के बाद भी कांग्रेस के पाले में सबसे ज्यादा वोट आए हैं। कांग्रेस को बनारस में हर वर्ग का वोट मिला। वहीं, भाजपा के परंपरागत वोट में सेंध लगाने में भी कांग्रेस कामयाब रही। कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय को 4,60,457 मत मिले और वोटों का प्रतिशत 40.74 रहा। ये कांग्रेस का अब तक का सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत है। इससे पहले 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 2,06,904 वोट मिले थे।

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2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय तीसरे स्थान पर थे। उन्हें 75614 वोट मिले थे। उनके मतों का प्रतिशत 7.34 फीसदी था। वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में अजय राय को 1,52,548 मत मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रहे। उनको महज 14.38 फीसदी ही मत मिले थे। वहीं, 2009 में कांग्रेस के डॉ. राजेश मिश्रा को 66,386 वोट मिले थे। इस बार के चुनाव में सपा और कांग्रेस के साथ आने के कारण मतों के प्रतिशत और मतदाताओं का रुझान भी बढ़ा।

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बनारस में 1952 से 1966 तक कांग्रेस के सांसद रघुनाथ सिंह ने जीत दर्ज की। इसके बाद 1971 में पं. कमलापति त्रिपाठी, 1984 में श्यामलाल यादव और आखिरी बार 2004 में कांग्रेस की ओर से डॉ. राजेश मिश्र सांसद चुने गए। 1984 में श्यामलाल यादव ने 1,53,076 मतों से जीत दर्ज की थी। 1989 में श्यामलाल यादव को 96,593 वोट मिले और वह दूसरे नंबर पर रहे। उनको महज 22.44 फीसदी मत मिले थे। 1991 के चुनाव में लोकपति त्रिपाठी को 57,415 मत मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। उनको महज 12.26 फीसदी मत मिले। 1996 में दूधनाथ चतुर्वेदी को 22,579 मत मिले और वह पांचवें स्थान पर रहे। उनको सिर्फ 4.01 फीसदी मत मिले। 1998 में डॉ. रत्नाकर पांडेय को 64,154 मत मिले और वह पांचवें स्थान पर रहे। उनको महज 9.95 फीसदी मत मिले। 1999 के लोकसभा चुनाव में डॉ. राजेश मिश्र 1,59,96 मतों के साथ दूसरे स्थान पर थे। उनका वोट प्रतिशत 25.48 फीसदी था।

यह भी जानें
  • 1951-57: त्रिभुवन नारायण सिंह और रघुनाथ सिंह यहां से सांसद चुने गए।
  • 1957: कांग्रेस से रघुनाथ सिंह ने चुनाव जीता था। उन्हें 103187 मत मिले थे।
  • 1962: कांग्रेस से रघुनाथ सिंह ने जीत हासिल की थी। उनको 1,04,682 वोट मिले थे।
  • 1967: कम्युनिस्ट पार्टी के एसएन सिंह ने चुनाव जीता। उन्हें 1,05,784 वोट मिले थे।
  • 1971: कांग्रेस के राजा राम शास्त्री ने 1,38,789 वोट पाकर जीत हासिल की।
  • 1977: भारतीय लोकदल के चंद्रशेखर सांसद बने। उन्हें 2,33,194 वोट मिले।
  • 1980: कांग्रेस के कमलापति त्रिपाठी ने जीत हासिल की। उन्हें 1,29,063 वोट मिले।
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