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वाराणसी: डीएम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा, राहत शिविर में अव्यवस्था पर लेखपाल का कटा वेतन, कर्मियों की छुट्टी रद्द

Tue, 10 Aug 2021 01:14 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। बाढ़ की आपात स्थिति को देखते हुए जिले में राज्य कर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिए। साथ ही लापरवाही बरतने पर कर्मचारियों पर कार्रवाई की चातवनी दी है।
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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बाढ प्रभावित ढाब क्षेत्र का निरीक्षण किया और व्यवस्था देखी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। स्थिति को देखने के लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित लोगों को मिल रही राहत सामग्री की जानकारी भी ली।

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एक लेखपाल का दो दिन का वेतन रोका
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ढाब क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर पहुंचे। यहां नौ परिवारों ने शरण ली हुई थी। साथ ही और भी बाढ़ पीड़ितों का आना जारी है। शिविर में बाढ़ पीड़ितों के लिए खाना, पानी व दरी आदि के साथ ही पशुओं के चारे की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। अव्यवस्था देख डीएम ने एसडीएम सदर को ड्यूटी पर लगाए गए लेखपाल अनिल सहाय का दो दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
डीएम ने बाढ़ की आपात स्थिति को देखते हुए जिले के सभी अधिकारियों/कमचारियों की छुट्टी निरस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी बाढ़ राहत शिविरों में तत्काल 10-10 पेटी बिस्किट व अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। ताकि राहत कैंपों में पहुंचने वालों को तुरंत खाना दिया जा सके।

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नखवां ढाब क्षेत्र में अधिक संख्या में पशुओं के लिए चारे की तत्काल व्यवस्था कराने के लिए पशु प्रसार अधिकारी को निर्देश दिया। साथ ही सभी बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी पर तैनात किए गए लेखपाल, कानूनगो, राजस्व कर्मियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, पशुधन प्रसार अधिकारी आदि की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। सुबह आठ बजे और शाम चार बजे फीडबैक उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
    
बाढ़ से प्रभावित पशुओं के चारे की व्यवस्था करके मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कल से ही वितरण प्रारम्भ कराते हुए दो दिनों में जिले की समस्त बाढ़ क्षेत्र में पशुओं हेतु उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायेंगे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाकर सम्पूर्ण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण का कार्य सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।

वाराणसी के कोनिया इलाके में बाढ़ की वजह से लोग गलियों में नाव चल रहीं। - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी, एसीएम पंचम को ढाब और कैथी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी है। उप जिलाधिकारी न्यायिक को चितईपुर, रमना, सामने घाट की जिम्मेदारी और  डिप्टी कलेक्टर न्यायिक (पिंडारा) को सरैया, ढ़ेलवरिया की जिम्मदेरा सौंपी गई है। ईओ गंगापुर व रामनगर को सूजाबाद, डोमरी क्षेत्र का प्रभार दिया गया।

उन्होंने मंगलवार की सुबह से ही बाढ़ प्रभावित गांवों में सभी जगह खान-पान की व्यवस्था शुरू कराने का निर्देश दिया। जहां स्कूलों में लोग रुके हैं, वहां स्कूल के स्टाफ मिड डे मील तैयार करा कर देंगे। इसके अलावा सूजाबाद में एक, ढ़ेलवरिया में दो, कोनिया में एक, सरैया में एक, वरुणा पुल के नीचे एक और इमलिया घाट में एक स्थान पर कैंप के पास हलवाई से भोजन तैयार कराकर राहत शिविरों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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शहरी क्षेत्र में शेल्टर होम में ठहरे हुए लोगों के लिए वहीं पर भोजन तैयार कराया जाएगा। इसके अलावा कम्युनिटी किचिन में भोजन तैयार कराकर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बच्चों व बुजुर्गों को दूध, केला सेब आदि भी दिए जाने के साथ ही सुबह के नाश्ते में चाय, ब्रेड, बिस्कुट आदि विशेष रूप से जोर दिया।

कंट्रोल रूम को पूरी सक्रियता से कार्य करने की विशेष हिदायत दी। साथ ही प्राप्त सूचनाओं के तुरंत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी/कर्मचारी को जानकारी देने का निर्देश दिया। राहत कार्यों का फीड बैक नियमित रूप से प्राप्त कर हर दिन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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