शासनादेश के अनुसार दीपावली पर रात आठ बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। इसके लिए जिलाधिकारी बकायदा स्थानीय स्तर पर आदेश जारी करेंगे। शहरी क्षेत्र में पुलिस समयावधि के हिसाब से निगरानी करेगी।
ऐसे होते हैं ग्रीन पटाखे
ऐसे पटाखे, जिनसे प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण के लिए बेहतर होते हैं। उन्हें ग्रीन पटाखा कहा जाता है। ग्रीन पटाखों को खास तरह से तैयार किया जाता है और इनके जरिए 30 से 40 फीसदी तक प्रदूषण कम होता है। ग्रीन पटाखों में वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले हानिकारक रसायन नहीं होते हैं।