सूबे की सत्ता बदलने के बाद अब जिला पंचायत में एकबारगी फिर कुर्सी पर कब्जे के लिए सियासी संग्राम छिड़ गया है। सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए विपक्षी लामबंद हो गए हैं।
बुधवार को भाजपा विधायक सुशील सिंह, अवधेश सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के नेतृत्व में 28 जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात की। अपराजिता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए प्रार्थना पत्र देते हुए जल्द बैठक बुलाने का आग्रह किया।
डीएम से मुलाकात के बाद सुशील सिंह और हंसराज ने दावा किया कि 32 जिला पंचायत सदस्य उनके साथ हैं। बता दें, वाराणसी जिले में 48 जिला पंचायत सदस्य हैं। सदन में बहुमत के लिए 25 सदस्यों की ही आवश्यकता है। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता का दावा है कि अब भी कम से कम 30 सदस्य उनके समर्थन में हैं। सियासी संग्राम छिड़ने से जिला पंचायत में गहमागहमी बढ़ गई है।
दिन में करीब साढ़े 11 बजे भाजपा विधायकों, नेताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत ने डीएम के सामने ही 28 सदस्यों की परेड कराई और अविश्वास प्रस्ताव के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में भाजपा नेताओं ने अध्यक्ष अपराजिता पर अनियमितता के तमाम आरोप भी लगाए हैं। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जल्द ही सदन की बैठक बुलाई जा सकती है। बता दें कि 14 जनवरी 2015 को अपराजिता सोनकर ने कार्यभार संभाला था।
पूर्ववर्ती सपा सरकार में बनाए गए प्रावधान के तहत दो साल के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
इन सदस्यों की कराई गई परेड
आशा, गायत्री देवी, रीता देवी, पप्पू पटेल, भारतेश्वर, सुनीता, रमेश पटेल, जगदीश, ज्योति सिंह, राजकुमार पटेल, अखिलेश कुमार सिंह, अमित कुमार सोनकर, रितु सिंह, जितेंद्र कुमार, रमेश कुमार, कैलाशनाथ, उषा देवी, सविता, पार्वती, ओमप्रकाश सिंह, कुंवर बिरेंद्र कुमार, विकास, सुरेंद्र पटेल समेत 28 जिला पंचायत सदस्यों की डीएम के सामने परेड कराई गई।