फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कॉलोनाइजर हत्याकांड का सुपारी किलर बनारसी यादव मुठभेड़ में ढेर, 166 दिन बाद मारा गया एक लाख का इनामी बदमाश

Wed, 04 Feb 2026 12:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में कॉलोनाइजर हत्याकांड का आरोपी बनारसी यादव मुठभेड़ में घायल हुआ। जिसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
आरोपी बनारसी यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एसटीएफ ने सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को मंगलवार रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर मुठभेड़ में मार गिराया। वह कॉलोनाइजर की हत्या करके 166 दिन से भागा था। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन


क्या है पूरा मामला
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत अन्य जनपदों में 24 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 21 अगस्त 2025 को सिंहपुर में बाइक सवार 3 शूटरों ने बाइक सवार महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या की थी। कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ को बनारसी यादव की तलाश थी। 4 जनवरी को दूसरे शूटर गाजीपुर के अरविंद यादव उर्फ फौजी को सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। गाजीपुर के तीसरे शूटर विशाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।

इसे भी पढ़ें; Mahashivaratri 2026: इस महाशिवरात्रि काशी में हंपी होली, पंजाब की होला मोहल्ला; खास थीम पर निकलेगी शिव बरात
विज्ञापन


एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे से कहीं भागने के फिराक में है। संबंधित थाने की फोर्स और एसटीएफ ने घेराबंदी की। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड के पास घेराबंदी देख बनारसी ने टीम पर फायरिंग कर दी। इस बीच जवाबी फायरिंग में बनारसी को गोली लगी और वह अचेत हो गया। एसटीएफ ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

29 बिस्वा जमीन के लिए फैटू ने दी थी सुपारी

महेंद्र गौतम की हत्या की सुपारी पुराने परिचित गाजीपुर निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने 60 करोड़ की 29 बिस्वा जमीन के विवाद में बनारसी यादव को दी थी। बनारसी, अरविंद यादव उर्फ फौजी और विशाल तीन शूटरों को दो-दो लाख रुपये और पिस्टल मुहैया कराई गई थी। असलहा बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम ने उपलब्ध कराया था।

बनारसी पर गाजीपुर, वाराणसी और सोनभद्र में सबसे ज्यादा मामले दर्ज
बनारसी यादव के खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर और सोनभद्र में सबसे ज्यादा मामले दर्ज थे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पहला मामला गाजीपुर के खानपुर थाने में 2003 में दर्ज हुआ था। इसी मामले में पांच और प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

वाराणसी के चोलापुर थाने में भी 2005 से 2006 के बीच चार मामले दर्ज कराए गए थे। सोनभद्र के घोरावल थाने में दो मामले दर्ज हैं। वाराणसी के दूसरे थानों में भी मामला दर्ज हुआ था। सारनाथ थानाक्षेत्र में कॉलोनाइजर की हत्या में उसकी तलाश की जा रही थी। अब मुठभेड़ में मारा गया है।
विज्ञापन

जेल में बंद हैं ये आरोपी

महेंद्र गौतम की हत्या में आरोपी अरविंद यादव उर्फ फौजी, गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के ढकवा निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू, सारनाथ निवासी संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर उर्फ रेखा प्रधान और असलहा तस्कर मुंगेर के मुर्गिया चक निवासी मोहम्मद मुकीम सभी जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें