वाराणसी। कोरोना संक्रमण काल में हजारों छात्र कहीं दाखिले में देरी और कहीं आवेदन में गड़बड़ियों के कारण छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। वाराणसी की बात करें तो यहां के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 18,500 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। आसपास के जिलों में यह संख्या और भी ज्यादा होगी। इसमें नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक है।
खासकर बीएड पाठ्यक्रम में तो अभी तक कई जगह काउंसिलिंग चल रही है। समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति के आवेदनों को अब अंतिम रूप देने की तैयारी कर ली है। दो से तीन दिनों में वेबसाइट पर भी छात्रों का डाटा उपलब्ध हो जाएगा। शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति आवेदन के लिए पहले ही समाज कल्याण विभाग ने 500 छात्रों के आवेदन निरस्त कर दिए थे। इसके बाद जांच में 18000 आवेदन संदिग्ध मिले हैं। इसमें आवेदकों ने आवेदन करते समय प्रमाणपत्र लगाने में गड़बड़ियां की हैं। तीन दिनों में ऐसे सभी छात्रों के डाटा को ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है।
स्नातक में मिली थीं गड़बड़ियां
काशी विद्यापीठ व इससे संबद्ध महाविद्यालयों के 8742 स्नातक के छात्रों ने शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। सत्यापन के दौरान सैकड़ों छात्रों के आवेदन में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां मिलीं। तमाम छात्रों ने बैंक एकाउंट नंबर, आय-जाति प्रमाणपत्र का सीरियल नंबर, पंजीकरण संख्या सहित अन्य विवरण गलत अपलोड कर दिए हैं। इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने ऐसे छात्रों का आवेदन संदिग्ध की श्रेणी में शामिल कर लिया है।
दिया गया था मौका
संदिग्ध आवेदनों के संशोधन के लिए छात्रों को मौका भी दिया गया। समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध पिछले दिन विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक बुलाकर छात्रों को जानकारी देने की बात कही थी। इसके बावजूद विवरण संशोधित न करने वाले छात्रों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। अब उन्हें वर्तमान सत्र में शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति मिलना संभव नहीं है।
श्रेणी सुधार परीक्षा और काउंसिलिंग में देरी भी बनी कारण
विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में काउंसिलिंग तथा श्रेणी सुधार परीक्षा में देरी के कारण काफी संख्या में छात्र तो छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सके हैं। इसको लेकर हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्र नेताओं ने धरना दिया था। जिला प्रशासन व महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन आवेदन की तिथि नहीं बढ़ाई गई।
शासन से कई बार पत्राचार किया गया है। एक बार तिथि बढ़ाई गई थी उसके बाद भी कई छात्र आवेदन नहीं कर सके हैं। इस मामले में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। -डॉ. एसएल मौर्य, कुलसचिव, काशी विद्यापीठ
शासन के तरफ से आवेदन की तारीख बढ़ाने का कोई आदेश नहीं आया है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब आवेदक छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति भेजने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। कई छात्रों ने आवेदन करने में त्रुटियां की हैं। ऐसे छात्रों के आवेदन संदिग्ध श्रेणी में डाल दिए गए है।-मीना श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
काशी विद्यापीठ से संबद्ध
पांच जिलों में चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में 369 महाविद्यालय हैं।
छात्र बोले
मध्यम वर्गीय छात्रों के लिए छात्रवृत्ति सबसे बड़ा सहारा थी। आश्वासन तो मिला था, लेकिन तारीख नहीं बढ़ाई गई।-अमन श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र महाविद्यालय
काफी प्रयास के बाद भी आवेदन नहीं सबमिट नहीं हो सका। इसलिए छात्रवृति के आवेदन से वंचित रह गए। उम्मीद थी तिथि बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अंजली, गंगापुर