बनारस की जिला जेल से लड़की भगाने के आरोपी उदय प्रताप के स्थान पर इसी आरोप में बंद कानपुर के आरोपी करन गुप्ता को साजिश रचकर शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। करन पेशी से निकलने के बाद पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया, तब साजिश का मामला खुला।
एसपी ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सिपाही चंद्रभान को निलंबित कर दिया है। इस मामले में तीन नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फरार कैदी को पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
अलीनगर थाना क्षेत्र के संघती गांव निवासी उदय प्रताप उर्फ खुड़बुड़ को शुक्रवार को जिला कारागार वाराणसी से सीजीएम कोर्ट में पेशी के लिए लाया जाना था। दोपहर करीब एक बजे सिपाही चंद्रभान ने उसके स्थान पर बनारस जेल में बंद करन गुप्ता को सीजेएम कोर्ट में पेश करा दिया।
बंदियों की हेराफेरी का मामला पता न चलता, लेकिन पेशी के बाद बंदी वाहन की तरफ ले जाते वक्त करन न्यायालय परिसर के बाहर बने बैरियर के पास सिपाही को धक्का देकर भाग निकला। सिपाही चंद्रभान कुछ दूर तक दौड़ा लेकिन उसे पकड़ नहीं पाया।
इसकी जानकारी सिपाही ने ड्यूटी प्रभारी तारकेश्वर यादव को दी। फिर एसपी ने वायरलेस सेट से आसपास के थाना प्रभारियों को कैदी की खोजबीन में लगा दिया। लेकिन शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
बनारस जिला जेल में बंद कैली निवासी उदय प्रताप पर अलीनगर थाने में लड़की भगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। जबकि कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के गुजैनी निवासी करन गुप्ता पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज है। करन वर्तमान में बनारस के खोजवां में किराए पर रहता था।
चंदौली एसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कैदी के भागने के बाद जब जांच कराई गई, तब पता चला कि पेशी पर दूसरे कैदी को ले जाया गया था। इस मामले में साजिश का अंदेशा है। सिपाही चंद्रभान को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है।