रामनाथ चौधरी शोध संस्थान में सर्वदलीय बैठक में लिया गया फैसला
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में बीते छह-सात जून को ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की मौत के मामले में भाजपा के अतिरिक्त सभी दल मुखर हो रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा मामले की जांच कराने के आदेश के बाद अब विपक्षी दलों ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन को घेरने का एलान किया है।
शनिवार को नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सपा, बसपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाकपा माले के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा।
कहा कि देश में हर घटना पर अफसोस जताने वाले पीएम का उनके संसदीय क्षेत्र में घटी इस घटना पर चुप्पी साधना ठीक नहीं। इस दौरान 11 सितंबर को बीएचयू गेट से रवींद्रपुरी स्थित संसदीय कार्यालय तक सर्वदलीय मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।
बीएचयू के पूर्व छात्रनेता भुवनेश्वर द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि पहले बीएचयू में 20 मौतें और फिर गोरखपुर में हुई मौतें केंद्र और प्रदेश सरकार की नाकामी का परिणाम है।
कांग्रेस हर मोर्चे पर इसका विरोध करेगी। ‘आप’ के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने अस्पताल में मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
‘मंत्री के इशारे पर बच रहे चिकित्सा अधीक्षक’
रामनाथ चौधरी शोध संस्थान में सर्वदलीय बैठक में लिया गया फैसला
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कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश, चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, बसपा महानगर अध्यक्ष हंसराज के साथ ही लल्लन तिवारी, हरिद्वार पांडेय आदि ने चिकित्सा अधीक्षक समेत सभी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पर खुलकर निशाना साधा। कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी चिकित्सा अधीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन पर प्रदेश के एक मंत्री का वरदहस्त है, जबकि गोरखपुर में ऐसी ही घटना में जिम्मेदारों की गिरफ्तारी हो रही है।