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UP MLC Election: वाराणसी में बृजेश सिंह की पत्नी का दावा- अपने घर में बहू को मिलेगी भारी जीत

Sat, 09 Apr 2022 01:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में  निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह की पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह निर्दल प्रत्याशी हैं। उन्होंने अपनी जीत का दावा किया है। 
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पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। दोपहर 12 बजे तक 65 फीसदी से ज्यादा मतदान हो चुका है। वाराणसी में भाजपा से डा. सुदामा पटेल, सपा से उमेश कुमार और जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह उर्फ अरुण सिंह की पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह मैदान में हैं।

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अन्नपूर्णा सिंह ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस क्रम में चोलापुर स्थित मतदान केंद्र के बाहर मीडिया से बातचीत में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि चोलापुर ब्लॉक में मेरा ससुराल है। अपने घर में बहू को ही जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव में मेरे परिवार पर यहां की जनता का आशीर्वाद सब दिन बना रहा है।

दलगत भावनाओं से हटकर मतदान कर रहे लोग

अन्नपूर्णा सिंह ने कहा कि इस बार भी लोग दलगत भावनाओं से हटकर अपने मत का प्रयोग मेरे समर्थन में कर रहे हैं। दावा किया कि इस चुनाव में भी जीत निश्चित है। उनके समर्थन में पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाल बहादुर सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सतीश अंजनी उपाध्याय लोग उपस्थित रहे। यहां यह बता दें कि निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह चोलापुर ब्लॉक के धौरहरा गांव निवासी हैं। जेल में बंद बृजेश सिंह ने इस बार अपना नामांकन वापस ले लिया और उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह निर्दल प्रत्याशी के दौर पर मैदान में हैं। 

इस बार धौरहरा परिवार के वर्चस्व को मिली है चुनौती

बृजेश सिंह (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पर पिछले 24 साल से कब्जा जमाए बैठे धौरहरा परिवार को इस चुनाव में चुनौती मिली है। उधर, भाजपा के सामने वाराणसी जैसी प्रतिष्ठापरक सीट पर इस चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई है। सपा भी अपनी खोई जमीन यहां तलाशने में जुटी है।

सेंट्रल जेल में बंद निवर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह के बड़े भाई उदयभान सिंह उर्फ चुलबुल सिंह एमएलसी सीट पर वर्ष 1998 में एमएलसी बने। दो बार एमएलसी चुने गए और पंचायत चुनाव में उनका दबदबा जगजाहिर ही है। इसके बाद वर्ष 2010 में बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह बसपा के टिकट से इस सीट पर एमएलसी बनी।
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इसके बाद वर्ष 2016 में बृजेश सिंह मैदान में उतरे तो भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। हालांकि इस बार भाजपा ने प्रत्याशी उतारकर बृजेश सिंह को वॉकआउट देने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब परिणाम पर सबकी निगाह टिकी है।
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