अंबिका चौधरी 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा में शामिल हुए थे। बसपा से इस्तीफा देते समय उन्होंने लिखा था कि 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें छोटा या बड़ा कोई दायित्व नहीं सौंपा गया। इसके कारण खुद को उपेक्षित और अनुपयोगी महसूस कर रहे हैं। अंबिका पांच साल पहले तक सपा के कद्दावर नेता माने जाते थे। मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी होने के कारण ही सपा सरकार में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था।
सपा जिला अध्यक्ष राज मंगल यादव और जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्हजी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर बलिया जनपद से 40 वरिष्ठ नेता लखनऊ पहुंचे हैं। इसमें पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी और उनके पुत्र एवं जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी भी शामिल हैं। पार्टी की हाईकमान बैठक विधानसभा चुनाव से संबंधित तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई है।