कई प्रत्याशियों ने नामांकन में समर्थकों के साथ पहुंचने की अनुमति भी ली है। उधर, जिला प्रशासन प्रत्याशियों की वीडियोग्राफी भी कराएगा। नामांकन के दौरान होने वाले खर्च को प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि कलेक्ट्रेट में प्रत्याशी के अलावा दो ही लोगों को जाने की अनुमति है। आचार संहिता का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा। माघ पूर्णिमा के चलते शहर में भीड़ को देखते हुए भी तैयारी है।
बनारस में नामांकन स्थल
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विधानसभा चुनाव कराने को लेकर जिले में पर्यवेक्षकों के आने का क्रम शुरू हो गया है। कुछ आ चुके हैं तो कुछ कल तक कमान संभाल लेंगे। प्रेक्षकों को कमरा नंबर भी आवंटित हो चुके हैं। वहीं, मंगलवार को डीएम कौशल राज शर्मा ने आठों विधानसभा के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
पिंडरा विधानसभा के लिए सामान्य प्रेक्षक श्रीकांत पुष्टि, अजगरा विधानसभा के लिए सामान्य प्रेक्षक अनंत लाल ज्ञानी, शिवपुर विधानसभा के लिए सामान्य प्रेक्षक अमृत कौर, रोहनिया के लिए सामान्य प्रेक्षक सुनील कुमार नायक हैं। वहीं, शहर दक्षिण विधानसभा के लिए प्रेक्षक सी नागा रानी, सेवापुरी विधानसभा के लिए सामान्य प्रेक्षक दिनेश कुमार है।
वहीं, व्यय प्रेक्षक के तौर पर पिंडरा, अजगरा व शिवपुर विधानसभा की कमान सुशांत कुमार, रोहनिया, शहर उत्तरी और दक्षिणी के व्यय प्रेक्षक पशुपति नाथ पांडेय, कैंट व सेवापुरी के व्यय प्रेक्षक उमेश कुमार अग्रवाल और पुलिस प्रेक्षक मदि रेडडी प्रताप को बनाया गया है। सर्किट हाउस के विभिन्न कक्षों में प्रेक्षक बैठेंगे।
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विधानसभा चुनाव में अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह बैंक कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। कुछ को अभी से ही अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, तो अधिकांश कर्मचारियों को मतदान के समय लगाया जाएगा। ऐसे में वर्तमान समय में तो कम, लेकिन मतदान के समय कर्मचारियों की कमी से बैंक का कामकाज प्रभावित हो सकता है।
जिले में सरकारी और निजी मिलाकर करीब 20 से 22 बैंक हैं। 12 सरकारी जबकि करीब 10 निजी बैंक हैं। सभी बैंकों को मिलाकर करीब 400 से 500 शाखाएं जिले में हैं। करीब चार हजार कर्मचारी अलग-अलग पदों पर हैं। वाराणसी में सात मार्च को मतदान है, ऐसे में जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 90 प्रतिशत से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।
कुछ शाखाएं तो ऐसी हैं, जहां ड्यूटी लगने के बाद दो से तीन कर्मचारी ही बैंक में रह जाएंगे। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन वाराणसी शाखा के सचिव संजय शर्मा ने बताया कि सभी बैंक कर्मचारी पूरी तन्मयता से चुनाव कर रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि ग्राहकों को बैंक की सेवाओं का पूरा लाभ मिलता रहे।