फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी अनलॉक: नियम के साथ 14 जून से गंगा में नाव संचालन की अनुमति, नाविकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

Thu, 10 Jun 2021 03:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में नाव संचालन की अनुमति के बाद वाराणसी के नाविकों के चेहरे खिल उठे। नाविकों में एक बार फिर से उम्मीद जगी है कि अब उनका रोजगार चलेगा और आर्थिक संकट से जूझ रहे नाविकों को राहत मिलेगी। 
विज्ञापन
गंगा में नाव संचालन की अनुमति - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना संकट की मार झेल रहे वाराणसी के नाविकों को नाव संचालन की अनुमति मिल गई है। नाविकों को 14 जून से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सुबह 7:00 से शाम 7:00 बजे तक नौका संचालन के लिए प्रशासन  की तरफ से अनुमति मिली है। शनिवार और रविवार को वीकेंड लॉकडाउन के कारण  नौका संचालन बंद रहेगा।

विज्ञापन


गंगा में नौका संचालन पर लगी रोक के मद्देनजर बुधवार को नाविक समाज और समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम सिटी से मिला था। जल्द से जल्द नौका संचालन पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को एसीएम सेकेंड महेंद्र श्रीवास्तव और एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय ने जल पुलिस कार्यालय में नाविकों संग बैठक की। 

इसमें यह निर्णय लिया गया कि नाविकों के वैक्सीनेशन के बाद सोमवार से नौका संचालन पर लगी रोक हटा ली जायेगी। सभी नाविकों का शुक्रवार से कैंप लगाकर वैक्सीनेशन किया जाएगा और तीन दिनों में इस कार्य को पूरा कर सोमवार से नौका संचालन की अनुमति कोविड गाइडलाइंस के अनुरूप दी जाएगी।  गौरतलब है कि अप्रैल, मई और जून के महीने में ही नाविक समाज की कमाई होती है। इसके बाद फिर बाढ़ की शुरुआत होने लगती है और नौकायन बंद हो जाता है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

बता दें  कि कोरोना संक्रमण के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आगमन नहीं होने से नाविकों का जीवनयापन कठिन होता जा रहा है। नौका संचालन बंद होने से नाविकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कमाई के सीजन में ही कोरोना की मार से नौका संचालन करने वालों की जीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। 

अब दिन का कर्फ्यू खत्म होने के बाद नौका संचालन की अनुमति मिलने से नाविकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आयी है। नाविकों में एक बार फिर से उम्मीद जगी है कि अब उनका रोजगार चलेगा और आर्थिक संकट से जूझ रहे नाविकों को राहत मिलेगी।

एक अनुमान के मुताबिक, अस्सी से राजघाट के बीच लगभग एक लाख 20 हजार मल्लाह समाज की आबादी बसती है। गंगा में वर्तमान में छोटी और बड़ी मिलाकर 15 सौ से ज्यादा नावों का संचालन किया जाता है
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें