अवैध निर्माणों की हकीकत विकास प्राधिकरण के एरियल सर्वे के दस्तावेजों में दर्ज
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एरियल नक्शों से 22 साल पहले शहर में ग्रीन बेल्ट का भी पता लगाया जा सकता है, जो अब दिन पर दिन घटता ही जा रहा है। नक्शों को देखने से पता चलता है कि 22 साल पहले शहर में पेड़ काफी संख्या में थे। अंधाधुंध शहरीकरण के कारण पेड़ों को काटकर घर बना लिया गया।
बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय व अधिवक्ता मिलिन्द श्रीवास्तव को वीडीए के रिकार्ड में एरियल नक्शे की जानकारी मिली तो उन्होंने जनवरी माह में ही एरियल सर्वे के शीट के मुआयने का प्रार्थना पत्र दिया था। उनके प्रार्थना पत्र पर यह रिपोर्ट लगा दी गयी कि शीट जीर्ण शीर्ण अवस्था में है और मुआयना नहीं कराया जा सकता। एक अप्रैल को वीसी इशा दुहन से शिकायत के बाद उन्हें एरियल नक्शों का मुआयना कराया गया।
वीडीए वीसी ईशा दूहन ने कहा कि एरियल नक्शे सुरक्षित हैं और उनका अध्ययन कराया जाएगा। 22 साल में हुए शहर के बदलाव के आधार पर अवैध निर्माणों को भी चिह्नित किया जाएगा।