उच्च शिक्षा समाज में परिवर्तन लाने का सबसे प्रमुख घटक रही है। दो दशक में युवाओं के लिए कई नए विश्वविद्यालय खुले हैं, लेकिन चिंता की बात है कि शिक्षण और शोध की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है जो भारत को विश्व के सर्वोत्तम विश्वविद्यालय की श्रेणी में पहुंचाए। हम तो नैक में भी खराब प्रदर्शन करते हैं। शिक्षण, संकाय और क्षमता निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाना होगा।
पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह आपके जीवन का अमृत काल है जब हमारा देश आजादी का शताब्दी महोत्सव बनाएगा तब आप जैसे युवा देश का नेतृत्व कर रहे होंगे। देश प्रथम की भावना के साथ काम करना होगा। नदियों में गंदगी ना फैलाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। नदियों को स्वच्छ बनाने का संकल्प लें। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है और सार्वजनिक कल्याण में योगदान के लिए दुनिया आपकी प्रतीक्षा कर रही है।
रिहा होंगे वृद्ध और बीमार कैदी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जेलों में बंद उन कैदियों को रिहा कर देना चाहिए, जो वृद्ध हैं, शुगर, हार्ट, किडनी और गंभीर रोगाें से जूझ रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है। ऐसे कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्यपाल ने कहा कि 80-80 साल की महिलाएं जेल में सजा काट रहीं हैं। आसपास के ही जेलों में हमने इस तरह की समस्या देखी है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बात को लेकर उन्होंने कुछ ऐसा गलत काम कर दिया कि वे जेलों में बंद हैं।
उठे केवल गिनती के हाथ
आनंदी बेन पटेल ने हॉल में बैठी छात्राओं से पूछा कि यहां पर कितने लोगों ने लोकार्पण के बाद बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इस जवाब में हॉल में केवल 10-15 हाथ ही उठे। यह देख राज्यपाल हतप्रभ होकर बोलीं कि जब विद्यार्थियों का यह हाल है तो शिक्षकों से फिर नहीं पूछूंगी। एक बार आपको बाबा के दर्शन करने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लोगों से अपील करती हूं कि इन्हें धाम को दिखाया जाए। आनंदी बेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई इंजीनियर या आर्किटेक्ट नहीं हैं, मगर उन्होंने जिस तरह से मंदिर के कॉरिडोर का अक्स सबसे पहले कागज पर खींचा था वह शानदार था।