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काशी विद्यापीठ दीक्षांत समारोह: कुलाधिपति ने लगाई क्लास, बोलीं- नैक मूल्यांकन में ए प्लस ग्रेड भी नहीं लाते विवि

Tue, 04 Jan 2022 10:57 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कुलाधिपति ने सख्त तेवर दिखाते काशी विद्यापीठ में दीक्षांत के मंच से नसीहत दी। साथ ही उन्होंने मेधावियों को चारित्रिक विकास की सलाह दी।
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दीक्षांत समारोह में राज्यपाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के तेवर तल्ख नजर आए। दीक्षांत के मंच से उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की क्लास लगा दी। कुलाधिपति ने कहा कि हम तो नैक में भी ए प्लस नहीं आते हैं यह स्थिति है हमारी। चिंता की बात है कि इसके लिए हम प्रयास ही नहीं करते हैं और जब प्रयास ही नहीं होगा तो कैसे आगे बढ़ोगे।

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बतौर राज्यपाल राजभवन में बुलाकर हमें मार्गदर्शन करना पड़ता है कि ऐसा करो वैसा। यह काम हमारा है। यह जज्बा होना चाहिए अंदर से कि मेरा विश्वविद्यालय देश में सर्वश्रेष्ठ बने। यह जज्बा नहीं होगा तब तक श्रेष्ठ विश्वविद्यालय नहीं बनेगा। यह संकल्प करने की आवश्यकता है सभी को। मेधावियों को चारित्रिक विकास की सलाह देते हुए कुलाधिपति ने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है। उत्तम चरित्र आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। असली शिक्षा वही है जो आपके चरित्र का निर्माण करें।

विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि होनहार विद्यार्थियों के लिए अलग से समय दें। विद्यार्थियों के साथ समय निकालकर कुलसचिव व अध्यापक बैठें और उनकी समस्याओं से अवगत हों। शिक्षा एक ऐसा आधार है जिस पर राष्ट्र की प्रगति निर्भर करती है। आने वाले समय में सब चलता है का दृष्टिकोण त्यागकर कठोर शैक्षिक माहौल बनाना होगा।

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उच्च शिक्षा समाज में परिवर्तन लाने का सबसे प्रमुख घटक रही है। दो दशक में युवाओं के लिए कई नए विश्वविद्यालय खुले हैं, लेकिन चिंता की बात है कि शिक्षण और शोध की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है जो भारत को विश्व के सर्वोत्तम विश्वविद्यालय की श्रेणी में पहुंचाए। हम तो नैक में भी खराब प्रदर्शन करते हैं। शिक्षण, संकाय और क्षमता निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाना होगा।

पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह आपके जीवन का अमृत काल है जब हमारा देश आजादी का शताब्दी महोत्सव बनाएगा तब आप जैसे युवा देश का नेतृत्व कर रहे होंगे। देश प्रथम की भावना के साथ काम करना होगा। नदियों में गंदगी ना फैलाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। नदियों को स्वच्छ बनाने का संकल्प लें। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है और सार्वजनिक कल्याण में योगदान के लिए दुनिया आपकी प्रतीक्षा कर रही है।

रिहा होंगे वृद्ध और बीमार कैदी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जेलों में बंद उन कैदियों को रिहा कर देना चाहिए, जो वृद्ध हैं, शुगर, हार्ट, किडनी और गंभीर रोगाें से जूझ रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है। ऐसे कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्यपाल ने कहा कि 80-80 साल की महिलाएं जेल में सजा काट रहीं हैं। आसपास के ही जेलों में हमने इस तरह की समस्या देखी है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बात को लेकर उन्होंने कुछ ऐसा गलत काम कर दिया कि वे जेलों में बंद हैं।
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उठे केवल गिनती के हाथ
आनंदी बेन पटेल ने हॉल में बैठी छात्राओं से पूछा कि यहां पर कितने लोगों ने लोकार्पण के बाद बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इस जवाब में हॉल में केवल 10-15 हाथ ही उठे। यह देख राज्यपाल हतप्रभ होकर बोलीं कि जब विद्यार्थियों का यह हाल है तो शिक्षकों से फिर नहीं पूछूंगी। एक बार आपको बाबा के दर्शन करने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लोगों से अपील करती हूं कि इन्हें धाम को दिखाया जाए। आनंदी बेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई इंजीनियर या आर्किटेक्ट नहीं हैं, मगर उन्होंने जिस तरह से मंदिर के कॉरिडोर का अक्स सबसे पहले कागज पर खींचा था वह शानदार था।
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