इससे पहले रविदास घाट पर भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गंगा में तैयार किए गए जेटी का बटन दबाकर लोकार्पण व 8 जेटी का शिलान्यास किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर हाइड्रोजन एवं इलेक्ट्रिक कैटामेरन (वाराणसी, अयोध्या, मथुरा) के लिए अनुबंध और वाराणसी एवं डिब्रूगढ़ के बीच क्रूज के टाइम डेबल का विमोचन भी किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहे।
वाराणसी को एक हाइड्रोजन फ्यूल सैल जलयान कैटमारन और चार इलेक्ट्रिक हाइब्रिड जलयान मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईएडब्लूआई) और कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच करार पर हस्ताक्षर हुआ।
आईएडब्लूआई और कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के बीच हुए करार के मुताबिक शून्य उत्सर्जन 100 पैक्स हाइड्रोजन फ्यूल सैल पैसेंजर कैटामारन जलयान का डिजाइन और विकास कोचिन शिपयार्ड मैसर्स केपीआईटी, पुणे के सहयोग से करेगी।
कोच्ची में परीक्षण के बाद कैटामारन जलयान को वाराणसी में तैनात किया जाएगा। समझौते के तहत कोचिन शिपयार्ड 8 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामारन जलयानों का निर्माण भी करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार ने रु.130 करोड़ मंजूर किए हैं। 50 पैक्स क्षमता वाले जलयान वाराणसी, अयोध्या, मथुरा- वृंदावन और गुवाहाटी में तैनात किए जाएंगे।