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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले: डिजिटल अरेस्ट में कई चैलेंज, बचने के लिए करना होगा गहनता से अध्ययन

Mon, 28 Oct 2024 02:23 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधाव रविवार को काशी दौरे पर हैं। वे आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले के मुद्दे पर बयान दिया। 
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केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : ANI
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विस्तार
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आईआईटी-बीएचयू के दीक्षांत समारोह के बाद सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पीएम मोदी के डिजिटल अरेस्ट वाले बयान को युवाओं को राह दिखाने वाला बताया। कहा कि पीएम मोदी ने एकदम सही कहा है। भारत दुनिया में एक डिजिटल सुपर पावर के तौर पर उभरता जा रहा है। नए-नए चैलेंज सामने आ रहे हैं। इसका गहनता से अध्ययन करना पड़ेगा। पीएम मोदी का आह्वान डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए रास्ता बता रहा था।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बीएचयू और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के मुद्दे पर जवाब दिया। कहा कि बिना ईसी के भी तो काम तो चल रहा है। जल्द ही वो भी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूरी तरह से अमल में लाने की कोशिश की जा रही है। आईआईटी, एनआईटी और आइसर्क कैंपस में 50 रिसर्च पार्क बनाने की योजना शुरू की गई है। 2014 में जब पीएम मोदी ने देश का दायित्व लिया था, तब गिने चुने स्टार्टअप थे। अब 1 लाख 40 हजार स्टार्टअप हो चुके हैं।

 

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अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का हुआ गठन

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का गठन कर लिया गया है। पीएम मोदी इसके अध्यक्ष हैं। देश में रिसर्च को जोर देने, रिसर्च लोक कल्याण और राष्ट्रीय प्रगति और 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है। आईआईटी-बीएचयू भी उसका लाभार्थी हो रहा है। आईआईटी बीएचयू में 400 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया। ये भारत की आवश्यकता को पूरी करेगा।

बीएचयू के तीनों बड़े संस्थान हमारी प्राथमिकता
बीएचयू के तीन हिस्सों, मूल कैंपस, आईआईटी और मेडिकल इंस्टीट्यूट को बेहतर करने पर काम किया जा रहा है। यही हमारी प्राथमिकता है। बीएचयू देश का पुरातन यूनिवर्सिटी है। यहां आना सौभाग्य की बात है।
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