गंगा के तुलसी घाट पर सोमवार को नहाने के दौरान दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। अभिमन्यु सिन्हा (20) और समीर विश्वकर्मा (20) दुर्गाकुंड में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग करते थे। जल पुलिस और एनडीआरएफ ने दोनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। रविवार को भी इसी घाट पर प्रयागराज से काशी भ्रमण को आए एक छात्र की डूबने से मौत हो गई थी।
बैढ़न सिंगरौली के वार्ड नंबर 42 के रहने वाले संजीव कुमार सिन्हा के दो बेटों में दूसरे नंबर का अभिमन्यु और भदोही के मौर्या पट्टी के रहने वाले भाई लाल विश्वकर्मा का बेटा समीर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दुर्गाकुंड में पिछले सात महीने से रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों साइकिल से अपने पांच दोस्तों के साथ तुलसी घाट पहुंचे। आधे घंटे बैठने के बाद गंगा में नहाने के लिए उतर गए। अभिमन्यु सिन्हा और समीर विश्वकर्मा को डूबते देखकर घाट किनारे मौजूद लोग बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक दोनों गहरे पानी में गए। सूचना मिलने के बाद अस्सी पुलिस चौकी प्रभारी और जल पुलिस के साथ मौके पर पहुंची एनडीआरएफ टीम ने खोजबीन शुरू की। घंटों प्रयास के बाद दोनों छात्रों के शव को ढूंढकर पानी से बाहर निकाला गया। समीर के बड़े भाई आकाश ने बताया कि समीर पांच बहन और आठ भाइयों में सातवें नंबर का था। इस दौरान पुलिस पर आरोप लगाया कि सही समय पर रेस्क्यू टीम बुलाई गई होती तो भाई बच जाता।
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छह माह के भीतर 12 से ज्यादा लोग डूबे
तुलसीघाट पर रविवार को भी एक युवक की गंगा में डूबने से मौत हो गई थी। सोमवार की सुबह दो और छात्र नदी में समा गए। तुलसी घाट पर पिछले छह महीने के भीतर 12 से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। डूबने वालों में सबसे ज्यादा युवा हैं। घाट किनारे गहराई को लेकर कोई सांकेतिक बोर्ड और बैरिकेडिंग नहीं लगा होने से हादसे हो रहे हैं। तुलसीघाट के सामने गंगा में गहराई ज्यादा है। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
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मछली पकड़ने गया युवक गंगा में डूबा
चौबेपुर। क्षेत्र के कैथी गांव निवासी बचानू राजभर (42) सोमवार की सुबह मछली पकड़ने के लिए कैथी गंगा तट पर गए थे। पैर फिसलने से वह गंगा नदी में डूब गए। स्थानीय गोताखोरों के साथ पुलिस ने गंगा में शव का तलाश करती रही। युवक शादीशुदा है। उसको पांच वर्ष का एक बेटा है। पत्नी लालमनी देवी घाट के किनारे रो रो कर बेहाल थी।