वाराणसी। तुलसी घाट पर शनिवार की सुबह निखिल गुप्ता (18) की गंगा में डूबने से मौत हो गई। फुफेरे भाई आयुष (12) की खोजबीन में एनडीआरएफ और जल पुलिस के गोताखोर लगे हुए हैं। घाट पर 15 सदस्यीय परिवार की नजरों के सामने दोनों बेटे गंगा में समा गए। भेलूपुर पुलिस ने निखिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आंखों के तारे इकलौते बेटे आयुष की तलाश में परिजन गंगा की ओर निगाह लगाए तुलसी घाट पर बैठे हैं। गोरखपुर से 15 सदस्यीय परिवार काशी भ्रमण पर आया है।
गोरखपुर के झगहां थाना क्षेत्र के डुमरैला खरकूटा निवासी टेंट व्यवसायी अनिल कुमार गुप्ता और कौड़ीराम थाना क्षेत्र के पांडेयपार निवासी किसान पिंटू गुप्ता समेत 15 सदस्यों का परिवार काशी भ्रमण पर आया। नमो घाट पर वाहन खड़ी करने के बाद सभी मोटरबोट से अस्सी घाट पर पहुंचे। इस बीच अनिल गुप्ता के इकलौते बेटे आयुष और पिंटू गुप्ता के बेटे निखिल ने तुलसी घाट पर पहुंचते ही गंगा स्नान की इच्छा जताई और घाट की सीढ़ियों से गंगा में नहाने उतर गए। आसपास के लोगों ने निखिल को मना किया कि आगे गहरा पानी है, घाट की सीढ़ियों के पास ही स्नान करिए। निखिल ने कहा कि उसे तैराकी आती है। निखिल के साथ उसका फुफेरा भाई आयुष भी पानी में आगे बढ़ गया। तभी अचानक आयुष का पैर फिसला और वह डूबने लगा। आयुष को बचाने की जल्दबाजी में निखिल भी गहरे पानी में जाते ही डूबने लगा। आंखों के सामने बेटों को डूबता देख परिजनों ने शोर मचाया। जब तक नाविक गंगा में छलांग लगाते, तब तक दोनों बेटे गंगा में समा गए।
एनडीआरएफ और भेलूपुर पुलिस ने लगभग आधे घंटे की खोजबीन में निखिल का शव बरामद किया, जबकि आयुष की खोजबीन में एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम लगी हुई है। निखिल का शव देखते ही पिता पिंटू गुप्ता समेत अन्य परिजन बदहवास हो गए। भेलूपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा। आयुष के पिता अनिल कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि आयुष मेरा इकलौता बेटा है। गंगा की ओर निहारते अनिल गुप्ता की आंखों से सिर्फ आंसू निकल रहे थे। निखिल के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह इस साल कक्षा 12वीं में गया था। बोर्ड परीक्षा के बाद उसका लक्ष्य सरकारी नौकरी की तैयारी करने का था। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि आयुष की खोजबीन में टीमें लगी हुई हैं। निखिल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
परिवार ने एक साथ देखी गंगा आरती, फिर नहाने पहुंचे थे अस्सी घाट
पीड़ित अनिल कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि सभी सदस्यों ने अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस में गंगा आरती देखी। कुछ देर अस्सी घाट पर फोटो शूट कराया। इस बीच नहाने के लिए तुलसी घाट का स्थान तय किया गया। सभी सदस्य अभी नहाने की तैयारी में थे कि दोनों बेटे घाट की सीढ़ियों से गंगा में उतर गए। नहाने के बाद सभी की इच्छा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाने की थी।
गंगा की ओर हाथ जोड़कर परिवार बिलखता रहा
तुलसी घाट पर महिलाएं और पुरुष समेत सभी परिजन बिलख पड़े। गंगा की ओर हाथ जोड़कर बेटे की सलामती की प्रार्थना भी की। निखिल का शव मिला तो महिलाओं के करुण क्रंदन से घाट भी गमगीन हो गया।