खेती किसानी करने वाले दो बच्चों के पिता संदीप सिंह की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया। वहीं शिवांश के परिवार में भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शिवांश के पिता समर सिंह उर्फ आशीष सिंह और माता शीला सिंह सहित अन्य परिजनों को रोते-बिलखते देख मौजूद हर कोई गमगीन दिखा। गांव में सुबह के समय चूल्हे ठंडे ही रहे। मातम जैसा माहौल गांव में पूरे दिन बना रहा।
जनप्रतिनिधियों की ओर से परिवार को ढांढस बंधाया गया। ग्रामीणों के अनुसार संदीप सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। अभी हाल ही में बड़े भाई राजेश सिंह की कोरोना से मौत हुई थी। दो पुत्र अमन सिंह और बुद्धू सिंह व पत्नी पुष्पा सिंह का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों के अनुसार खंडहर में तब्दील हो चुके इस मकान को पहले ही गिरा दिया गया होता तो आज गांव से दो अर्थी नहीं उठती।
हादसे में मृत संदीप सिंह और शिवांश सिंह के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख की आर्थिक सहायता रािश 24 घंटे के अंदर में मुहैया कराई जाएगी। एसडीएम पिंडरा गिरीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
सोनभद्र से सटे सिंगरौली (मप्र) के जयंत क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच एक कंपनी की सुरक्षा दीवार गिर गई। इसके चलते पास में रहने वाला मजदूर परिवार मलबे में दब गया। घटना में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जयंत चौकी क्षेत्र में साइलो के समीप सामंता कंपनी का कैंप है। इसकी सुरक्षा दीवार से सटी मजदूरों की बस्ती है। रांची (झारखंड) निवासी भोला मुंडा अपने परिवार के साथ यहीं गुजर बसर करता है। रविवार को सामंता कंपनी की सुरक्षा दीवार ढहने से भोला मुंडा का परिवार मलबे में दब गया।
पुलिस के अनुसार, घटना में भोला मुंडा (32), पत्नी विनीता मुंडा (28), पुत्र नीरज उर्फ पांड्या (10), शनिका मुंडा (4) और पुत्री रागिनी (3) निवासी अंडीका थाना खूंटी जिला रांची गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकाला गया, मगर तब तक नीरज और शनिका की मौत हो चुकी थी। भोला, पत्नी विनीता और पुत्री रागिनी को नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।