गिरफ्तार शिवबहादुर सिंह कैंट थाना के अर्दली बाजार स्थित धीरज अपार्टमेंट में रह रहा था। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में शिवबहादुर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2003 से अंतरराज्यीय प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करने वाले बेदीराम गैंग से जुड़ गया।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराकर अभ्यर्थियों को उनके उत्तर बता दिए जाते थे। तेलंगाना, पंजाब व चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने के मामले में कई बार जेल जा चुका है।
पेपर लीक कराकर उसने 10 से 12 करोड़ रुपये कमाए। वर्ष 2015 में अर्दली बाजार स्थित विंध्यवासिनीनगर कॉलोनी में तीन करोड़ रुपये का मकान खरीदा और दसी कॉलोनी में दूसरा मकान 40 लाख रुपये में एग्रीमेंट कराया है।
शिवबहादुर राम ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस में आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध होने पर 11 अभ्यर्थियों को चंडीगढ़ में परीक्षा से एक दिन पूर्व ही हल पेपर दिया गया। इससे अभी तक सात लाख रुपये मिले।