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वाराणसी: हिमाचल पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में दो गिरफ्तार, गाजीपुर और जौनपुर के रहने वाले हैं आरोपी

Tue, 17 May 2022 06:50 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

27 मार्च को हिमाचल पुलिस भर्ती परीक्षा थी, लेकिन एक दिन पूर्व ही पेपर लीक हो गया। हिमाचल पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित अंतरराज्यीय गैंग के दो सदस्य वाराणसी में मौजूद है। सूचना पर यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
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पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में अंतरराज्यीय गैंग के दो आरोपियों को यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को वाराणसी की छावनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से बिना नंबर की कार बरामद हुई। दोनों आरोपियों को कैंट थाने में दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड आदि की कार्रवाई हिमाचल पुलिस कर रही है।

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हिमाचल के कांगड़ा जिले के गगल थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज है। यूपी एसटीएफ के अनुसार इस मामले में अब तक 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ वाराणसी इकाई के एएसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार 27 मार्च को हिमाचल पुलिस भर्ती परीक्षा थी, लेकिन एक दिन पूर्व ही पेपर लीक हो गया।

इस मामले में कांगड़ा जिले के गगल थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की तफ्तीश शुरू हुई। हिमाचल पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित अंतरराज्यीय गैंग के दो सदस्य वाराणसी में मौजूद है। इस पर एसटीएफ फील्ड इकाई के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह व हिमाचल पुलिस की टीम ने जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के कुसया मुजरा गांव निवासी शिवबहादुर सिंह और गाजीपुर करंडा के खुलासपुर निवासी अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया।

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बेदीराम गैंग से जुड़कर कमाए 12 करोड़ रुपये 

गिरफ्तार शिवबहादुर सिंह कैंट थाना के अर्दली बाजार स्थित धीरज अपार्टमेंट में रह रहा था। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में शिवबहादुर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2003 से अंतरराज्यीय प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करने वाले बेदीराम गैंग से जुड़ गया।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराकर अभ्यर्थियों को उनके उत्तर बता दिए जाते थे। तेलंगाना, पंजाब व चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने के मामले में कई बार जेल जा चुका है।
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पेपर लीक कराकर उसने 10 से 12 करोड़ रुपये कमाए। वर्ष 2015 में अर्दली बाजार स्थित विंध्यवासिनीनगर कॉलोनी में तीन करोड़ रुपये का मकान खरीदा और दसी कॉलोनी में दूसरा मकान 40 लाख रुपये में एग्रीमेंट कराया है।

शिवबहादुर राम ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस में आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध होने पर 11 अभ्यर्थियों को चंडीगढ़ में परीक्षा से एक दिन पूर्व ही हल पेपर दिया गया। इससे अभी तक सात लाख रुपये मिले।
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