यूपी के गाजीपुर में शुक्रवार सुबह घने कोहरे के बीच एक तेज रफ्तार ट्रक ने रेलवे फाटक पर खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पहले से खड़ा ट्रक रेलवे फाटक तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर जा पहुंचा। ट्रक की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गई।
विज्ञापन
घटना जिले के दु्ल्लहपुर रेलवे क्रासिंग पर घटी। रेलवे क्रासिंग का गेट टूटने से वाराणसी से मऊ जा रही मालगाड़ी को अमारी आउटर सिग्नल पर रोक दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को रेलवे ट्रैक से बाहर किया।
फिर करीब डेढ़ घंटे बाद कर्मचारियों ने कॉशन के सहारे मालगाड़ी को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। उधर महिला की मौत से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने झोरिया गांव के सामने गाजीपुर-आजगमढ़ मार्ग पर शव रख सड़क जाम कर दिया।
विज्ञापन
सूचना पाकर जखनियां उपजिलाधिकारी शिवशरण अप्पा मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद जाम समाप्त हो गया। जबकि रेलवे क्रासिंग पर अभी भी जाम लगा हुआ है।
परिजनों में मचा कोहराम, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
महिला के घर में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी-मऊ रेलखंड स्थित स्थानीय रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी गुजरने का सिग्नल होते ही मुख्य क्रासिंग के दोनों फाटक बंद हो गए। शुक्रवार की सुबह करीब 6.10 बजे आजमगढ़ से गाजीपुर आ रहे ट्रक के चालक को धुंध की वजह से दिखाई नहीं पड़ा और पहले से क्रासिंग के पास खड़े ट्रक से जा टकराया।
टक्कर काफी जोरदार था। ऐसे में पहले से खड़ा ट्रक क्रासिंग का फाटक तोड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर जा पहुंचा। ट्रक में अचानक टक्कर होने से वहां अफरा-तफरी मच गई। ट्रक के धक्के से झरिया की रहने वाली कुंवारी देवी (60) और देवा गांव निवासी पारस बांसफोर (50) गंभीर रुप से घायल हो गई।
दोनों को परिजन निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने महिला को मऊ के लिए रेफर कर दिया। उधर, घटना की जानकारी देने के 40 मिनट बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह से दोनों ट्रकों को हटवाने के साथ ही चालक को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
इसके बाद सुबह करीब साढ़े सात बजे कॉशन के सहारे मालगाड़ी को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। मऊ जाते समय महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन ग्रामीणों के साथ झरिया गांव के सामने शव रखकर गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग को दस बजे जाम कर दिया।
उत्तर मध्य भारत में लगातार पड़ रहे धुंध की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पटना-मुगलसराय रेलखंड से होकर चलने वाली 40 ट्रेनें शुक्रवार को अपने निर्धारित समय से घंटों विलंबित रहीं। पूर्वा, गरीब रथ सहित कई ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। गुरुवार को अप एवं डाउन की महानंदा, डाउन कोटा-पटना रद्द रही।
रेलवे का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण की वजह से धुंध छाया हुआ है। इस कारण रेल यातायात व्यवस्था प्रभावित है। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से यात्रियों की फजीहत हो रही है।
दिल्ली होकर आनेवाली अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस 16 घंटे, अमृतसर हावडा मेल 18 घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस 10 घंटे, मगध एक्सप्रेस 7 घंटे, श्रमजीवी 12 घंटे, गरीब रथ 18 घंटे, तूफान 16 घंटे, दादर एक्सप्रेस 7 घंटे, दिल्ली-सहरसा स्पेशल 9 घंटे, उपासना एक्सप्रेस साढ़े 18 घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल 8 घंटे, जनसाधारण एक्सप्रेस 18 घंटे सहित करीब 40 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से चल रही थी।
मालदा से आनेवाली 13413 अप फरक्का एक्सप्रेस शुक्रवार को रद्द रही। स्टेशन प्रबंधक साधू यादव के अनुसार एवं रेलवे की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक गुरुवार की शाम को मालदा से चलने वाली रैक नहीं चलेगी। इस कारण शुक्रवार की सुबह यह ट्रेन गहमर नहीं आएगी। वहीं अप एवं डाउन की महानंदा एक्सप्रेस भी नहीं आएगी।