आईआईटी-बीएचयू की ओर से आयोजित टेक्नेक्स 2024 में ड्रोन उड़ाता छात्र।
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आसमां में उड़ते ड्रोन तो एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ में रोबोट। अलग-अलग बाधाओं से अपने रोबोट और ड्रोन को पार कराने की कोशिश में लगे देश भर के तकनीकी संस्थानों से आए स्टूडेंट्स..। अपने इनोवेशन और तकनीकी कौशल से सभी ने निर्णायकों को खासा प्रभावित किया। एयरक्राफ्ट के छोटे-छोटे मॉडल ने जब आसमान में परवाज भरी तो छात्र-छात्राओं की सोच को भी जैसे नया आयाम मिल गया।
आईआईटी बीएचयू के तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स 24 के 85वें संस्करण का आगाज कुछ ऐसे ही हुआ। स्वतंत्रता भवन से लेकर राजपुताना ग्राउंड, आईआईटी जिमखाना में अलग-अलग तकनीकी प्रतियोगिताएं हुईं। राजपुताना ग्राउंड में रोबो वॉर प्रतियोगिता में 10 से अधिक टीमों ने अपने बनाए रोबोट्स की दक्षता प्रदर्शित की। वहीं, जिमखाना ग्राउंड में रॉक इट प्रतियोगिता में एयरक्राफ्ट के मॉडल ने रिमोट के जरिये आसमान में उड़ान भरी। प्रीलिम्स राउंड में करीब 12 से अधिक तकनीकी कॉलेजों की टीमें शामिल हुईं।
स्वतंत्रता भवन लॉन में ड्रोन टेक इवेंट में आईआईटीयंस के बनाए कई बाधाओं को पार करते हुए अपने ड्रोन उड़ाए। इसी तरह डंगियन में कई सारे गेमिंग मैच हुए। प्लास्टिक गैंग, टीम प्रीडेटर्स और गेड भाऊ की टीम डेथ डीलर से भिड़ी। इसी तरह च्यवनप्राश और द ब्वॉयज, गेमिंग निंजा और सूपा स्ट्राइकर्स के बीच गेमिंग मैच हुआ। माइक्रोमाउस, पिक्सलेट, हैकथॉन, रिवोग, यूरेका जैसी प्रतियोगिताएं भी हुईं।
इससे पहले टेक्नेक्स 24 का औपचारिक उद्घाटन डीआरडीओ के डायरेक्टर जनरल (लाइफ साइंसेज) डॉ. उपेंद्र कुमार सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर सिस्को के डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी) गिरीश कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
क्वांटम कंप्यूटिंग उभरती हुई नई तकनीक
थिंक टॉक शृंखला में नोबेल पुरस्कार विजेता डेविड जे वाइनलैंड ने क्वांटम कंप्यूटर पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग एक उभरती हुई नई तकनीक है। इसमें शोध और इनोवेशन की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने क्वांटम सिमुलेशन, क्वांटम मशीन लर्निंग से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।
बैंकिंग में एआई का दायरा बढ़ेगा, साइबर फ्रॉड रोकने में मददगार
दूसरे थिंक टॉक में एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव आनंद ने डिजिटल टेक्नोलॉजी और साइबर फ्रॉड पर बात की। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एआई मददगार साबित हो रही है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई एल्गोरिदम संदिग्ध गतिविधि के पैटर्न की पहचान कर सकता है। इससे साइबर फ्रॉड के नुकसान को कम किया जा सकता है।
साइलेंट डीजे की धुन पर झूमे आईआईटीयंस
देर शाम राजपुताना ग्राउंड में साइलेंट डीजे नाइट में दिन भर की थकान प्रतिभागियों ने उतारी। वायरलेस हेडफोन लगाकर बॉलीवुड और हॉलीवुड गीतों पर स्टूडेंट्स झूमते रहे। लाल, हरे और नीले रंग के हेडफोन लगाए स्टूडेंट्स बॉलीवुड गीतों के साथ ही रैप सॉन्ग पर भी नाचते नजर आए।