मुफ्त में बिजली फूंकने वाले बिल देने वालों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बिजली चोरी के लोड से ओवरलोड ट्रांसफार्मर का कहीं डीओ जल रहा है तो कहीं शॉर्ट सर्किट। जिसकी मरम्मत करने में बिजली विभाग का पसीना छूट रहा है।
उपभोक्ताओं की मांग से जिले के लगभग सभी बिजलीघर ओवरलोड हैं। जिसकी वजह से लोकल फाल्ट बढ़े हैं। उमस भरी गर्मी में हो रही कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में चार लाख से अधिक कनेक्शन हैं। इसमें से महज एक लाख अस्सी हजार ही समय पर बिल जमा कर रहे हैं। विभाग के पास अवैध कनेक्शन के आंकड़े उपलब्ध नहीं है लेकिन हर महीने 603 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो रही है।
लाइन लॉस कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सुबह शाम छापेमारी की जा रही है। बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है। उपभोक्ता समय पर बिल का भुगतान नहीं कर रहे। सख्ती करने पर 50 प्रतिशत से कम लोग ही बिल जमा कर रहे हैं अगर सख्ती ना करें तो यह आकड़ा 30 प्रतिशत पहुंच जाएगा। दीपक अग्रवाल अधीक्षण अभियंता। बिजली विभाग बिल तो बराबर भेज रहा है। बिलों की वसूली भी तेजी से कर रहा है लकिन बिजली आपूर्ति और फाल्ट ठीक करने में विभाग ढिलाई कर रहा है। -
विनय नगवां।
ओवरलोड़ से कटौती से परेशानी का सबब बन गई है। हम अपनी जिम्मेदारी ले सकते हैं। विभाग को बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाना चाहिए।
अनिल सिंह भेलूपुरा।