इसके बाद ट्रेवल संचालक और अन्य लोग वसीम के फ्लैट पर पहुंचे। कमरा खोला गया तो पंखे से दुपट्टे के सहारे कमरे में फंदे पर लटकता हुआ मिला। एजेंसी मालिक के अनुसार वसीम को 8000 प्लस इंसेंटिव दिया जाता था। जिससे वह अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करता था।
पहली और दूसरी पत्नी के छोड़ जाने के बाद से डिप्रेशन में रह रहा था। पुलिस के अनुसार डिप्रेशन और आर्थिक तंगी से परेशान होकर शरजील वसीम ने यह कदम उठाया। मौके पर फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच की गई। एसीपी सारनाथ ज्ञान प्रकाश राय ने विविध कार्रवाई करते हुए शव को पंडित दीनदयाल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया।