फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: सोनभद्र में मूसलाधार बारिश ने ढाया कहर, तीन गांव में पुलिया बही, मकान ढहे; कई इलाकों में फसलें बर्बाद

Mon, 17 Aug 2026 09:14 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Flood Alert in UP: सोनभद्र में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। डूमरचुआ, पालबस्ती और जरहा गांव में पुलिया बह गईं, जबकि कई कच्चे मकान ढह गए। एनटीपीसी आवासीय परिसर के कई कमरों में नाले का पानी घुस गया। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ। प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन
पुलिया बहने के बाद बच्चों को गोद में उठाकर उस पार करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Sonbhadra News: बीजपुर क्षेत्र में रविवार रात गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। एनटीपीसी आवासीय परिसर के एनएच-वन में कई कमरों में नाले का पानी घुस गया। इससे कमरों में रखा सामान डूबने लगा और लोगों की रात की नींद उड़ गई। सूचना पर पहुंची केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीम ने राहत कार्य चलाकर लोगों को सुरक्षित बचाया।

विज्ञापन


वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण कई पुलिया बह गईं और कच्चे मकान धराशायी हो गए। बीजपुर ग्राम पंचायत के शांतिनगर टोला निवासी सुशीला पत्नी राजेंद्र शर्मा के कच्चे मकान का एक हिस्सा ढह गया। अंजानी ग्राम पंचायत निवासी छत्रधारी धरकार का मकान भी पूरी तरह ढह गया। जरहा की अंजीर नदी के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीण सहमे रहे। 

डोडहर ग्राम पंचायत के डूमरचुआ, पालबस्ती और जरहा गांव के टोला कोहड़मड़ा में पुलिया बह जाने से आवागमन बाधित हो गया। वहीं जहीराडार और अजीर नदी के मोहारे पुल की पंखी टूटकर गिर गई। बारिश और तेज बहाव से किसानों की धान की फसल को भी भारी नुकसान हुआ। कई खेतों में फसल बह गई, जबकि कुछ स्थानों पर मिट्टी और बालू जमा होने से फसल बर्बाद हो गई। तेज गरज-चमक के दौरान कई घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जल गए, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारी बारिश से घरों में घुसा पानी, कॉलेज मार्ग जलमग्न
खाड़पाथर स्थित प्राकृतिक नाले के आसपास बसी कॉलोनी में कई घरों में बारिश का पानी घुस गया। अचानक घरों में पानी भरने से लोगों को जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं बाबूराम सिंह डिग्री कॉलेज जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया। सड़क पर पानी भरने से छात्रों और शिक्षकों को कॉलेज पहुंचने के लिए काफी दूर घूमकर जाना पड़ा। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में प्राकृतिक नाले का पानी आसपास के घरों में घुस जाता है। नाला संकरा होने के कारण तेज बारिश में पानी का बहाव बाधित हो जाता है और पानी बस्ती की ओर फैल जाता है। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थाई समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें