पीड़िता के गवाह ने दिसंबर 2020 में लंका थाने में धमकी देने वाले शिवपुर निवासी शोभित सिंह और शुभम पर मुकदमा दर्ज कराया था। उसने लंका पुलिस को इस संबंध में पुख्ता प्रमाण भी सौंपा था। मगर, लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि पीड़िता के सभी मामलों में चार्जशीट लगाई गई है।
गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना के बीरपुर गांव के मूल निवासी अतुल राय के पिता भरत सिंह वाराणसी में बीएलडब्ल्यू में कार्यरत थे। मैदागिन के हरिश्चंद्र पीजी कालेज में बीएससी करने के बाद अतुल राय मऊ सदर विधायक माफिया मुख्तार अंसारी की सरपरस्ती में आ गया। वाराणसी में अतुल के खिलाफ पहला मुकदमा रंगदारी मांगने और धमकाने सहित अन्य आरोपों में वर्ष 2009 में मंडुवाडीह थाने में दर्ज हुआ। तब से लेकर वर्ष 2020 तक सिर्फ वाराणसी के ही अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, दुष्कर्म और गैंगेस्टर एक्ट के तहत 14 से ज्यादा मुकदमे अतुल के खिलाफ दर्ज हुए हैं।