फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल में लापरवाही का आलम, ओपीडी में समय पर नहीं मिल रहे डॉक्टर; मरीज परेशान

Wed, 13 Dec 2023 10:43 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नगर का एकमात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। यहां महीनों से ना तो दांत व ना ही बच्चों के डॉक्टर हैं। अस्पताल प्रशासन बार बार चिकित्सकों की कमी का हवाला देते हुए चिकित्सकों की तैनाती का आग्रह विभाग से करता रहता है।
विज्ञापन
लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के रामनगर स्थित एलबीएस अस्पताल में मंगलवार को मरीज व तीमरदार उस समय परेशान हो उठे जब 11 बजे तक ऑर्थो के डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। जबकि ओपीडी सुबह नौ बजे से ही शुरु हो जाती हैं। इस बात को लेकर मरीज के परिजनों में राजेश पाल, मनोज सिंह, रीता देवी सहित अन्य ने कहा कि सुबह से लाइन में लगे हैं लेकिन अभी तक हड्डी के डाक्टर का पता नहीं है। दूसरी ओर सीएमएस अमरेंद्र चंद्र दूबे का कहना है कि आर्थो के दो डाक्टर है। एक डाक्टर की पोस्टमार्टम में डयूटी लग गई तो दूसरे को सीएमओ ने ट्रेनिंग के लिए बुला लिया गया था।

विज्ञापन


चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा अस्पताल

नगर का एकमात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। यहां महीनों से ना तो दांत व ना ही बच्चों के डॉक्टर हैं। अस्पताल प्रशासन बार बार चिकित्सकों की कमी का हवाला देते हुए चिकित्सकों की तैनाती का आग्रह विभाग से करता रहता है। किसी तरह एक पखवाड़े पहले इस अस्पताल को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने छह चिकित्सक भेजे थे लेकिन लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी इनमें से एक भी चिकित्सक ड्यूटी ज्वाइन करने नही पहुंचा। चिकित्सकों का टोटा झेल रहे इस अस्पताल को चिकित्सकों के मिलने से चिकित्सा व्यवस्था के पटरी पर लौटने की जो उम्मीद बंधी थी वह अब लगभग टूट गई है। खुद सी एम एस भी इस मामले में ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नही दिखे। बता दें कि 155 बेड वाले इस अस्पताल में बड़ी संख्या में ओ पी डी मरीज़ों के साथ साथ अन्य मरीज भर्ती किये जाते हैं। पूर्वांचल का एक मात्र टी वी अस्पताल भी इसी परिसर में है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते यहाँ किसी तरह मैनेज कर के बस काम चलाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें